नसरापुर कांड के आरोपी को फांसी की सजा, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया एतिहासिक फैसला
- DSS Admin
- Jun 29, 2026
मुंबई, 29 जून हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे के नसरापुर में एक मासूम बच्ची के यौन शोषण व हत्या के मामले के दोषी पाए गए भीमराव कांबले (65) को पुणे जिला सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एतिहासिक फैसला करार दिया है। अदालत के इस निर्णय का सभी पार्टियों के नेताओं ने सराहना की है।
नसरापुर कांड का मामला सोमवार को विधानसभा में भी गूंजा। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि अदालत ने 60 दिन में आरोपी को सजा सुनाई है। यह राज्य का पहला ऐसा मामला है जो सबसे तेजी से सुलझाया गया है। मैं जस्टिस एसआर सालुंखे का खास तौर पर शुक्रगुजार हूं। पुलिस ने बहुत कम समय में मामले की जांच की और सबूत इकट्ठा किए गए। कोर्ट ने भी लगातार सुनवाई के बाद फैसला सुनाया है। केवल 14 दिनों में चार्जशीट फाइल की गई। सिर्फ 16 दिनों में 55 गवाहों से पूछताछ और क्रॉस-एग्जामिनेशन किया गया। मैं इस केस पर काम करने वाले एसपी संदीप सिंह गिल की टीम को बधाई देता हूं।
महाराष्ट्र में कानून का राजः उपमुख्यमंत्री शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून का राज है और यहां अपराधियों को कोई छूट नहीं है। इस मामले में न्याय हुआ है। यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो महिलाओं और लड़कियों पर ज़ुल्म करते हैं। भविष्य में कोई भी ऐसा घिनौना काम करने की हिम्मत नहीं करेगा। ऐसे कातिलों के लिए समाज या कानून के राज में कोई जगह नहीं है।
मजबूत हुआ न्यायपालिका पर भरोसा- सुनेत्रा पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि हमारे पुणे जिले के नसरापुर की एक बच्ची के रेप और मर्डर के मामले में कोर्ट ने जो फ़ैसला दिया है, उससे न्याय प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत होता है। ऐसे अमानवीय कामों की समाज में कोई जगह नहीं है। हर महिला और लड़की की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे अपराधों के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। न्याय हुआ है, लेकिन ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसलिए समाज और प्रशासन को मिलकर ज्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। दुष्कर्म और हत्या जैसे अमानवीय अपराधों के लिए कोई माफ़ी नहीं है। कोर्ट के फैसले से न्यायपालिका पर भरोसा और मजबूत होता है। हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करती रहेगी।
जल्द हो निर्णय पर अमल- उद्धव ठाकरे
शिवसेना (यूबीटी) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोर्ट ने नसरापुर मामले में सही फैसला लिया है। हालांकि, इस निर्णय को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।
नराधमों को दो चौराहे पर फांसी- सुप्रिया सुले
राकांपा (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कोर्ट, पुलिस और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एसे नराधमों को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। जिस दिन यह बुरी घटना हुई सामने आई थी, हमने तय किया था कि इस मामले में राजनीति नहीं आएगी। हम मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने हमसे वादा किया था कि आरोपी को कड़ी सजा मिलेगी।
न मिले हत्यारों को राहत- नीलम गोर्हे
शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता नीलम गोर्हे ने कहा कि इस सरकार ने महिलाओं के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। ऐसे अमानवीय अपराधों में समय पर न्याय मिलना बहुत जरूरी है। इससे न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा मज़बूत होता है। सरकार को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की अच्छे से पैरवी करनी चाहिए, ताकि आरोपियों को कोई राहत न मिले. कोई अपील वर्षों तक लंबित न रहे.यदि महिलाओं और बच्चों पर ज़ुल्म करने वालों को तुरंत कड़ी सज़ा मिले तो समाज में कानून का डर मज़बूत होगा।
मिलेगी बच्चों को सुरक्षा- संजय पुराणिक
महाराष्ट्र स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के चेयरमैन संजय पुराणिक ने कहा कि गंभीर अपराध में आरोपी को मौत की सजा मिलने से बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूद ज्यूडिशियरी सिस्टम में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। बच्चों को न्याय दिलाने के लिए अलग-अलग सिस्टम के बीच जो असरदार तालमेल हुआ है, वह एक मिसाल है। इससे समाज में बच्चों के ख़िलाफ जुर्म करने वालों के लिए संदेश गया है। कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं है। सभी माता-पिता, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को बच्चों की सुरक्षा के बारे में जागरूक रहना चाहिए। यदि कोई जुल्म, शोषण या संदिग्ध घटना नजर आती है, तो तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचित करना चाहिए।
बिगड़ी सोच के लिए कोई जगह नहीं- अमोल कोल्हे
राकांपा (एसपी) के सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने कहा कि मासूम साढ़े तीन साल की बच्ची को टॉर्चर करके मारने वाले कातिल को फांसी की सजा मिला है। कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाकर न्यायपालिका पर भरोसा और पक्का किया है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र है, जिन्होंने मां-बहनों की सम्मान के लिए धरातल तैयार किया। बिगड़ी हुई सोच के लिए इस धरती पर कोई जगह नहीं है। ऐसे अमानवीय अपराधों में सख्त सजा और समय पर इंसाफ ही समाज में कानून का डर पैदा कर सकता है।
मौत की सजा चेतावनी- रोहिणी खड़से
एनसीपी (एसपी) की महिला इकाई की प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खड़से ने कहा कि एक मासूम बच्ची के सपने, उसका बचपन और उसकी पूरी ज़िंदगी इस कातिल ने बेरहमी से छीन ली। मौत की सजा बिगड़ी हुई सोच के लिए एक चेतावनी है। एक मासूम लड़की के सपने, उसका बचपन और उसकी पूरी ज़िंदगी इस कातिल ने बेरहमी से छीन ली। वो दर्द कभी भरा नहीं जा सकता। यह सज़ा सिर्फ़ एक आरोपी को दी गई सज़ा नहीं है, बल्कि हर उस बिगड़ी हुई सोच के लिए चेतावनी है जो औरतों और लड़कियों पर ज़ुल्म करने की हिम्मत करती है।
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