मानसिक बीमारों हेतू योग सेहत की जीवन शैली - डॉ मुलिक अधीक्षक

मुंबई, 22जून ( हि.स.) । अच्छी मेंटल हेल्थ बनाए रखने के लिए योग बहुत ज़रूरी है और मानसिक रूप से बीमार मरीज़ों के इलाज और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन ) प्रक्रिया में योग एक अहम भूमिका निभाता है, ऐसा ठाणे के प्रादेशिक मनोचिकित्सालय के चिकित्सक अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक ने कहा।

वे इंटरनेशनल योग डे के मौके पर क्षेत्रीय मनोचिकित्सालय में आयोजित किए गए एक खास योग सत्र में बोल रहे थे। अंबिका योग कुटीर के मार्ग दर्शन में हुए इस प्रोग्राम में मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग ऑफिसर, कर्मचारी और मानसिक रूप से बीमार मरीज़ों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।

इस मौके पर कई तरह के योग आसन, प्राणायाम और ध्यान के आसन पेश किए गए। मौजूद लोगों को बताया गया कि नियमित योग अभ्यास से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है और आत्म विश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है।

डॉ. मुलिक ने कहा कि योग सिर्फ़ एक फिजिकल एक्सरसाइज़ नहीं है बल्कि एक स्वस्थ जीवन जीने का तरीका है जो मन, शरीर और विचारों के बीच बैलेंस बनाता है। योग मेंटल हेल्थ के लिए एक असरदार साथ हो सकता है, खासकर मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिए। इसलिए, उन्होंने समाज से योग को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा बनाने की अपील की।इस प्रोग्राम ने मेंटल हेल्थ के बारे में जागरूकता फैलाई और सेहतमंद और संतुलित ज़िंदगी का संदेश दिया।

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