भट्टर कॉलेज में जूलॉजी-न्यूट्रिशन की पढ़ाई शुरू, ओलचिकी लिपि को भी जगह

पश्चिम मेदिनीपुर, 18 मई (हि. स.)। जिले के दांतन स्थित भट्टर कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र से दो नए विभाग शुरू किए जा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने जूलॉजी और न्यूट्रिशन विषय में स्नातक स्तर पर पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सांथाली भाषा की ओलचिकी लिपि में भी पास कोर्स की पढ़ाई शुरू की जाएगी।

कॉलेज के प्राचार्य गिरिधारी पंडा ने बताया कि क्षेत्र के विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए इन दोनों विषयों को शुरू किया जा रहा है। अभी इन दोनों विभागों में 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं। आगे चलकर विद्यार्थियों की संख्या और रुचि के आधार पर इन विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1963 में स्थापित यह कॉलेज विद्यासागर यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और पिछले वर्ष इसे स्वायत्त (ऑटोनॉमस) दर्जा प्राप्त हुआ है। इधर, क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों के रहने के कारण सांथाली भाषा की ओलचिकी लिपि में पढ़ाई शुरू करने की मांग उठ रही थी। भद्र हेंब्रम, जो केशियाड़ी के विधायक हैं, ने कॉलेज प्रशासन से स्नातक स्तर पर ओलचिकी लिपि में पढ़ाई शुरू करने का अनुरोध किया था। उनका कहना है कि यदि उच्च शिक्षा में भी मातृभाषा में पढ़ाई की सुविधा मिलेगी तो आदिवासी विद्यार्थियों का उत्साह और बढ़ेगा।

रविवार देर शाम कॉलेज प्रशासन ने बताया कि फिलहाल ओलचिकी लिपि में पास कोर्स शुरू किया जा रहा है। भविष्य में विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए इसमें ऑनर्स कोर्स शुरू करने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।

वहीं, मेदिनीपुर स्थित राजा नरेंद्र लाल खान महिला कॉलेज में भी इस वर्ष एक नया विभाग खोला जा रहा है। यहां रिमोट सेंसिंग और जीआईएस (जियोस्पेशियल तकनीक) विषय की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इस विषय में विज्ञान, कला या वाणिज्य किसी भी संकाय के विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे।

कॉलेज के भूगोल विभाग के प्रोफेसर प्रभात कुमार शीत ने बताया कि इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए स्नातक स्तर पर यह पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

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