गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए मेडिकल प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना एवं सतत मॉनिटरिंग होगी सुनिश्चित : प्रमुख शासन सचिव
- DSS Admin
- Jun 23, 2026
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने उम्मेद चिकित्सालय का किया निरीक्षण
जोधपुर, 23 जून (हि.स.)। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को उम्मेद चिकित्सालय का निरीक्षण कर प्रसूति सेवाओं, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का सघन अवलोकन किया तथा चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से संवाद करते हुए राठौड़ ने कहा कि वर्ष 1938 से संचालित उम्मेद चिकित्सालय प्रदेश के प्रमुख मातृ स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 25 हजार प्रसव होते हैं। इनमें बड़ी संख्या जटिल एवं सिजेरियन प्रसवों की होती है।
उन्होंने कहा कि आमजन के चिकित्सालय के प्रति विश्वास को बनाए रखते हुए प्रत्येक मरीज को बेहतर एवं सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने प्रसूताओं, चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ से भी संवाद कर उपचार व्यवस्थाओं एवं प्रोटोकॉल की पालना की जानकारी ली।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सभी चिकित्सालयों में मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल (एसओपी) की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के साथ समीक्षा कर औषधियों के सुरक्षित भंडारण, नर्सिंग ड्यूटी, पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल एवं गंभीर मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग सहित सभी प्रक्रियाओं का पुनरावलोकन किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके तथा समय रहते आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित हो।
राठौड़ ने बताया कि चिकित्सालय के एनआईसीयू, पीआईसीयू एवं अन्य गंभीर चिकित्सा इकाइयों में आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित हैं। उन्होंने कहा कि कैनुला, ग्लव्स सहित आवश्यक चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार इसकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बी.एस. जोधा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत, उम्मेद चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना सहित चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे।

