आरबीएसके योजना बनी उम्मीद की किरण, दो बच्चों को मिला नया जीवन
- DSS Admin
- May 25, 2026
किशनगंज, 25 मई (हि.स.)। गरीबी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे दो परिवारों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) उम्मीद की नई रोशनी बनकर सामने आया।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो मासूम बच्चों का नि:शुल्क सफल ऑपरेशन कराकर स्वास्थ्य विभाग ने न सिर्फ उनकी जिंदगी बचाई, बल्कि परिवारों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी। ठाकुरगंज के वीर टोला निवासी एक वर्षीय अल्फाज हुसैन और दिलावरगंज निवासी एक वर्ष नौ माह के शिवांश कुमार लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। दोनों बच्चों को 18 मई को आईजीआईसी, पटना में भर्ती कराया गया, जहां 21 मई को डिवाइस क्लोजर प्रक्रिया के तहत सफल ऑपरेशन किया गया।
उपचार के बाद 23 मई को दोनों बच्चों को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अल्फाज के पिता जाहिर आलम पेशे से बढ़ई हैं, जबकि शिवांश के पिता श्रवण कुमार निजी पैथोलॉजी में कार्यरत हैं। सीमित आय के कारण दोनों परिवार बच्चों के महंगे इलाज को लेकर काफी परेशान थे। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च सुनने के बाद परिवारों की उम्मीदें टूटने लगी थीं। इसी बीच आरबीएसके टीम ने स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों की पहचान की और उन्हें नि:शुल्क इलाज के लिए पटना भेजा।
अल्फाज की मां ने कहा कि बच्चे की बीमारी से पूरा परिवार परेशान था और इलाज कराना संभव नहीं लग रहा था, लेकिन सरकारी योजना ने उनके बेटे को नई जिंदगी दे दी। वहीं शिवांश की मां ने कहा कि बेटे को सांस लेने में तकलीफ होती थी तो पूरा परिवार डर जाता था।आरबीएसके योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई।
सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि आरबीएसके योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग समेत कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनका नि:शुल्क इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है। जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव में इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।

