सूरजपुर : कलेक्टर ने की मानसून तैयारियों की समीक्षा, संचारी रोगों की रोकथाम पर विशेष जोर

सूरजपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। आज सोमवार को कलेक्टर रेना जमील की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा की बैठक में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने, जनसुविधाओं को सुचारु बनाए रखने तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जल निकासी, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, संचारी रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों को संवेदनशील एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में नालों तथा जल निकासी मार्गों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले के सभी बोरवेल, हैंडपंप, कुओं, पानी की टंकियों और अन्य पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनीकरण कराने तथा पानी के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत, लीकेज दूर करने और जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने पर भी बल दिया।

वर्षा ऋतु में मलेरिया, डायरिया और अन्य जलजनित एवं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी के माध्यम से सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा गांव-पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने को कहा।

कलेक्टर ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जीवनरक्षक दवाएं, मलेरिया जांच किट, ओआरएस, जिंक टैबलेट और अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलेरिया या डायरिया का कोई भी मरीज मिलने पर तत्काल जांच, उपचार और नियंत्रणात्मक कार्रवाई की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।

डायरिया की रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की आदत, व्यक्तिगत स्वच्छता, खुले में शौच से बचाव तथा ओआरएस और जिंक के उपयोग को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को घर-घर संपर्क बढ़ाने, गंभीर मरीजों को समय पर रेफर करने और नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

   

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