श्रीराम कथा : श्रीराम वनवास तथा केवट प्रसंग सुन भाव विह्वल हुए श्रद्धालु
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
कोलकाता, 03 जून (हि. स.)। पूर्वांचल कल्याण आश्रम द्वारा स्टेडल बैंक्वेट में आयोजित राम कथा के चौंथे दिन बुधवार को पूज्य आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने भगवान श्रीराम के वन गमन हेतु अयोध्या का त्याग, मर्यादा एवं पितृ भक्ति का अद्वितीय मार्मिक भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। केवट के हृदय की आशंका को भी उजागर करते हुए समरसता का भाव जागृत कर भक्तों को मोहित कर दिया।
भार्या मूलं गृहस्थस्य भार्या मूलं सुखस्य च।
भार्या धर्मफलावाप्त्यै भार्या सन्तानवृद्धये।।
पूज्य शास्त्री ने कथा के माध्यम से सनातनियों को पंच प्रबोधन का महत्व बताते हुए समाज को जागरूक किया।
आज की कथा में अखिल भारतीय संगठन मंत्री माननीय अतुल जी जोग, सह संगठन मंत्री माननीय भगवान सहाय शर्मा, अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख डॉक्टर विश्वामित्र, क्षेत्रीय संगठन मंत्री विश्वामित्र मोहंती की गरिमामयी उपस्थिति रही।
आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संचालन नीलिमा सिन्हा ने किया। बालीगंज समिति ने देशभक्ति गीत गया।
उल्लेखनीय है कि श्रीराम कथा 31 मई को शुरू हुई थी और सात जून तक प्रतिदिन होगी।
कथा से प्राप्त सहयोग राशि का उपयोग पूर्वांचल कल्याण आश्रम द्वारा संचालित दस छात्रावासों के निर्माण एवं नवीनीकरण तथा शिशुओं के लिए शिक्षण सामग्री में लगेगी। महाराज जी ने समाज के सभी वर्गों को इस सेवा कार्य से जुड़ने का आग्रह किया।
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