प्रवासी शिविरों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की समीक्षा

जम्मू। राहत एवं पुनर्वास (एम) विभाग, जम्मू-कश्मीर के डॉ. अरविंद करवानी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर जम्मू के प्रवासी शिविरों में आवश्यक सेवाओं की स्थिति, जारी विकास कार्यों तथा चालू वित्त वर्ष में प्रस्तावित रखरखाव, मरम्मत और अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में पात्र प्रवासी लाभार्थियों तक सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रगति का भी जायजा लिया गया। बैठक में राहत संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग (आरएंडबी), जम्मू पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, शहरी पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, गार्डन एवं पार्क विभाग, जम्मू नगर निगम, श्रम एवं रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण विकास विभाग के नोडल अधिकारी शामिल हुए। संबंधित क्षेत्रों के तहसीलदार और कैंप कमांडेंट भी बैठक में मौजूद रहे। शिविरों में सुरक्षित पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. करवानी ने जल शक्ति विभाग को प्रवासी शिविरों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पानी की कमी वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया गया। संबंधित कार्यकारी अभियंताओं ने बताया कि जलापूर्ति की समस्या के समाधान के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय किए जा रहे हैं। जगती टाउनशिप में जलापूर्ति के विस्तार और सुधार के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली बड़ी परियोजना तैयार की जा रही है। डॉ. करवानी ने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर पानी के नमूनों की जांच करवाने के निर्देश भी दिए। पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि जम्मू के विभिन्न प्रवासी शिविरों में 200 से अधिक भवन ब्लॉकों और करीब 5000 फ्लैटों, सामुदायिक भवनों आदि की मरम्मत एवं नवीनीकरण के बड़े कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए सरकार द्वारा हाल ही में 82.45 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग आंतरिक सडक़ों एवं गलियों के विकास, पार्कों के निर्माण तथा प्रवासी स्कूलों, स्वास्थ्य डिस्पेंसरियों और जगती सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के सौंदर्यीकरण एवं सुधार के लिए व्यापक परियोजना भी तैयार कर रहा है। डॉ. करवानी ने सभी भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने पर जोर देते हुए पीडब्ल्यूडी को प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और नवीनीकरण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय लोगों और संबंधित कैंप कमांडेंट से भी परामर्श करने को कहा। शहरी पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग ने बताया कि जगती टाउनशिप में संचालित संयंत्र की तर्ज पर नगरोटा, मुठी-बूटा नगर और पुरखू प्रवासी शिविरों के लिए करीब 11.5 करोड़ रुपये की लागत वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अंतिम रूप दिया गया है और जल्द ही इन पर काम शुरू किया जाएगा। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रवासी राशन कार्डों के डिजिटलीकरण और राष्ट्रीय डेटाबेस के साथ एकीकरण के बाद करीब 2600 परिवारों को विभिन्न सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं का लाभ मिल चुका है। विभिन्न कल्याणकारी, सामाजिक क्षेत्र, स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए सितंबर के दूसरे सप्ताह से जम्मू के विभिन्न स्थानों पर व्यापक आउटरीच शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

राहत संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी रोस्टर के अनुसार आवंटित शिविरों का साप्ताहिक दौरा कर विकास कार्यों और शिविरवासियों की शिकायतों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कश्मीर घाटी में अचल संपत्तियों से संबंधित शिकायतों का भी जायजा लेने को कहा गया। साथ ही सामाजिक कल्याण योजनाओं के संभावित पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए चलाए जा रहे घर-घर अभियान की निगरानी करने तथा दस्तावेज तैयार करने और ऑनलाइन आवेदन भरने में सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

डॉ. करवानी ने सभी अधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर के ट्रांजिट प्रवासी शिविरों के संबंध में विभिन्न सरकारी विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

   

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