भूमि अधिग्रहण व मुआवजा प्रक्रिया में तेजी लाने को जिलेभर में लगेंगे विशेष शिविर
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
किशनगंज, 06 जुलाई (हि.स.)। जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, अभिलेख सत्यापन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को तेज एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर आयोजित इन शिविरों में संबंधित अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, अमीन, जिला भू-अर्जन कार्यालय के अधिकारी तथा कार्यदायी एजेंसियों के अभियंता संयुक्त रूप से मौजूद रहेंगे।
जिला प्रशासन के अनुसार रेलवे गाइड बांध परियोजना के तहत 6 से 9 जुलाई तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे। 6 और 7 जुलाई को पौआखाली रेलवे कैंप के पास, 8 जुलाई को सुखानी पंचायत भवन तातपौआ तथा 9 जुलाई को तातपौआ पंचायत भवन में प्रभावित रैयतों के भूमि अभिलेखों का सत्यापन और अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं बहादुरगंज–टेढ़ागाछ पथ के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण परियोजना के लिए 6 से 14 जुलाई तक टेढ़ागाछ और बहादुरगंज अंचल के 17 मौजों में चरणबद्ध तरीके से शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में वास्तविक भू-रैयतों के दस्तावेजों का सत्यापन, एलपीसी (लैंड पजेशन सर्टिफिकेट) का निर्माण तथा मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को गति दी जाएगी।
इसके अलावा एसएच-99 (बेलवा) से एनएच-31 (कांकई) तक प्रस्तावित सड़क निर्माण परियोजना के अंतर्गत जनमजय एवं बरारो मौजा के रैयतों के लिए 6 और 7 जुलाई को बरारो सामुदायिक भवन में विशेष शिविर लगाया जाएगा।
यहां भी भूमि अभिलेखों की जांच, एलपीसी निर्माण और मुआवजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित भू-रैयतों से निर्धारित तिथि एवं स्थान पर स्वयं उपस्थित होने की अपील की है।
रैयतों को खाता, खेसरा, जमाबंदी, लगान रसीद, आधार कार्ड, बैंक पासबुक सहित भूमि से संबंधित सभी मूल अभिलेख एवं उनकी छायाप्रति साथ लाने को कहा गया है, ताकि सत्यापन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में कोई विलंब न हो।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, मामलों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निष्पादन करने तथा एलपीसी निर्माण एवं मुआवजा भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने कहा कि रैयतों के सहयोग से इन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा।

