कमल अग्रवाल ने पार्षद और मेयर-परिषद पद से दिया इस्तीफा
- DSS Admin
- Jun 22, 2026
सिलीगुड़ी, 22 जून (हि. स.)। सिलीगुड़ी नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अस्थिरता अब और बढ़ती नजर आ रही है। मेयर गौतम देव के इस्तीफे के बाद अब पार्टी के वरिष्ठ नेता कमल अग्रवाल ने भी पार्षद और मेयर-परिषद पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को उनका इस्तीफा नगर निगम आयुक्त के दफ्तर में जमा किया गया।
कमल अग्रवाल ने न केवल अपने पद से इस्तीफा दिया, बल्कि तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता भी छोड़ दी। उन्होंने इस्तीफे की जानकारी लिखित रूप में पार्टी के दार्जिलिंग जिलाध्यक्ष कुंतल रॉय को भी दे दी है।
गौरतलब है कि कमल अग्रवाल पहले वाम के प्रभावशाली नेता रह चुके है। 2022 के नगर निगम चुनाव से पहले तृणमूल में शामिल हुए थे। वे वार्ड नंबर दस से जीतकर मेयर-परिषद की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, राज्य की बदली राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।
इससे पहले दिलीप बर्मन, शिविका मित्तल और अभया बोस भी पार्षद पद से इस्तीफा दे चुके है। लगातार इस्तीफों के कारण नगर निगम में तृणमूल पार्षद की संख्या 37 से घटकर अब 33 रह गई है।
नियम के मुताबिक, मेयर के इस्तीफे के 72 घंटे के भीतर नए बोर्ड के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजना होता है, लेकिन मौजूदा हालात में यह प्रक्रिया अटकती दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार, ऐसे में नगर निगम बोर्ड को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी की आंतरिक कलह और नेतृत्व की कमी का खामियाजा सिलीगुड़ी के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।

