मार्च इक्‍विनॉक्‍स गुरुवार को, दिन-रात नहीं होंगे बराबर

भोपाल, 19 मार्च (हि.स.)। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए गुरुवार, 20 मार्च का दिन खास हो जाने जा रहा है। इस दिन सूर्य इस साल 2025 में पहली बार ठीक पूर्व दिशा (ईस्‍ट) से उदित होकर ठीक पश्चिम (वेस्‍ट) में अस्‍त होने जा रहा है। यह घटना छह महीने के अंतराल (22 सितम्‍बर 2024 ) के बाद होने जा रही है। इसके बावजूद दिन और रात की अवधि बराबर नहीं होगी।

नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बुधवार को इस खगोलीय घटना के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि 20 मार्च को भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर मार्च इक्‍विनॉक्‍स की घटना होने जा रही है। इसमें पृथ्‍वी के झुकाव में सूर्य की परिक्रमा करते रहने के कारण सूर्य भूमघ्‍य रेखा के ठीक लंबवत होगा।

सारिका ने बताया कि इस दिन मान्‍यता है कि दिन-रात बराबर होते हैं, जो कि पूरी तरह सत्‍य नहीं है। इस साल मध्य भारत के अधिकांश शहरों में 15 मार्च को दिन और रात लगभग बराबर थे और दिन की अवधि लगभग 12 घंटे और कुछ सेकंड थी, जबकि 20 मार्च को दिन की अवधि 12 घंटे 06 मिनट से अधिक होगी। इस तरह दिन और रात पूरी तरह बराबर नहीं होंगे। इस तरह मार्च इक्‍विनॉक्‍स की दिनांक के कुछ दिन पहले ही दिन और रात लगभग बराबर होते हैं।

सारिका ने बताया कि 20 मार्च को सूर्य भूमध्‍यरेखा के ठीक लंबवत होगा। इससे सूर्य ठीक पूर्व दिशा में उदित होगा तथा ठीक पश्चिम दिशा में अस्‍त होगा। यह घटना साल में सिर्फ दो ही दिन होती है। इस साल अब यह घटना 22 सितम्‍बर 2025 को होगी।

सारिका ने बताया कि इस दौरान भोपाल में सुबह 6:24 बजे सूर्य उचित होकर शाम 6:31 बजे अस्त होगा और दिन की अवधि 12 घंटे 06 मिनिट 58 सेकंड रहेगी, जबकि 15 मार्च को सूर्य सुबह 6:29 बजे उचित होकर शाम 6:29 बजे अस्त हुआ था। इस दौरान दिन की अवधि 12 घंटे 00 मिनिट 11 सेकंड थी। इसी तरह अन्य शहरों में भी दिन-रात की अवधि में अंतर होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

   

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