वेद मार्ग पर चलकर ही मिलती है सच्ची शांति और मोक्ष-स्वामी राम स्वरूप जी
- DSS Admin
- May 18, 2026

कठुआ, 18 मई । वेद मन्दिर योल में आयोजित 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 37वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी योगाचार्य ने जिज्ञासुओं को ऋग्वेद मन्त्र 10/33/3 की व्याख्या करते हुए गहन आध्यात्मिक संदेश दिया।
स्वामी जी ने बताया कि मनुष्य अपनी मानसिक वासनाओं और पाप कर्मों के कारण स्वयं ही दुःख भोगता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे चूहे अपने ही अंगों को काटते हैं उसी प्रकार मनुष्य भी अपने कर्मों के फलस्वरूप कष्ट झेलता है। उन्होंने कहा कि परमेश्वर की स्तुति, प्रार्थना और वेदों के अनुसार उपासना करने से ही पापों का नाश होकर मोक्ष की प्राप्ति संभव है। उन्होंने आगे बताया कि मानव जीवन की सफलता तभी है जब व्यक्ति वेद मार्ग पर चलते हुए आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ गृहस्थ जीवन के कर्तव्यों का भी पालन करे। वैदिक मार्ग पर चलकर मनुष्य न केवल मोक्ष सुख प्राप्त करता है बल्कि धन, परिवार और समृद्धि का भी आनंद ले सकता है। स्वामी जी ने स्पष्ट किया कि आध्यात्मिकता और भौतिक जीवन में संतुलन ही सच्चे सुख का आधार है अन्यथा जीवन जन्म से मृत्यु तक विभिन्न दुखों से घिरा रहता है।
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