ट्विशा शर्मा मौत मामलाः दिल्ली एम्स ने सीबीआई को सौंपी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच में आई तेजी
- DSS Admin
- Jun 11, 2026
भोपाल, 10 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम को दिल्ली एम्स द्वारा तैयार की गई दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंप दी गई है। इसके बाद सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है।
ट्विशा शर्मा के अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच एजेंसी को मिल गई है। फिलहाल सीबीआई की टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर रही है और इसे जल्द ही उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। अदालत के निर्देशों के आधार पर ही जांच की आगामी दिशा तय होगी।
सूत्रों के अनुसार, अब सीबीआई का मुख्य फोकस गर्भधारण, गर्भपात और उसके बाद हुई मौत के बीच की परिस्थितियों को समझने पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गर्भपात और मौत के बीच घटनाक्रम किस प्रकार विकसित हुआ। इसके लिए पारिवारिक परिस्थितियों, फोन रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का भी विश्लेषण पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों के दावों में अंतर होने के कारण जांच की हर कड़ी को बारीकी से परखा जा रहा है।
हालांकि, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर सीबीआई ने अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट के निशानों तथा गर्भपात से जुड़े तथ्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
इधर, क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) के विशेषज्ञों द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और डमी टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट का मूल्यांकन भी तेज कर दिया गया है। एम्स की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का मिलान डमी टेस्ट के निष्कर्षों से किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला आत्महत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने अथवा किसी साजिश से जुड़ा है।
मामले में शुरुआती जांच से जुड़ी लापरवाहियां भी सामने आ चुकी हैं। जांच अधिकारी एवं कटारा हिल्स थाने के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा पर घटना में इस्तेमाल किए गए लिगेचर बेल्ट को चिकित्सकों की टीम तक पहुंचाने में दो दिन की देरी का आरोप है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इन दोनों पहलुओं को गंभीर चूक माना गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद एसआई दिनेश शर्मा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि मेडिकल, फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों के पूर्ण विश्लेषण के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एजेंसी फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों की भी बारीकी से जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई की एक विशेष टीम ट्विशा शर्मा के मोबाइल फोन और लैपटॉप की डिजिटल जांच में जुटी हुई है। डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के माध्यम से घटनाक्रम की अहम कड़ियां सामने आ सकें। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस मामले में ट्विशा शर्मा की सास सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति अधिवक्ता समर्थ सिंह फिलहाल केंद्रीय जेल भोपाल में न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों पर दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकाने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं। सूत्रों के मुताबिक, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि कोई नए तथ्य या महत्वपूर्ण खुलासे सामने आते हैं तो सीबीआई दोनों आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है।
---------------

