श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो विचाराधीन कैदी फरार पुलिस ने जारी किए लुकआउट नोटिस
- Editor Chief
- Aug 23, 2026
श्रीनगर, 23 अगस्त। जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने का मामला सामने आया है। दोनों आरोपी अलग-अलग POCSO मामलों में जेल में बंद थे। घटना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर उनकी तलाश तेज कर दी है। आम लोगों से भी दोनों के बारे में कोई जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार फरार विचाराधीन कैदियों की पहचान मुख्तार अहमद गुज्जर और फरमान खान के रूप में हुई है। दोनों श्रीनगर सेंट्रल जेल में अलग-अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में थे। उनके जेल से फरार होने के बाद पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां उन्हें पकड़ने के प्रयास में जुट गई हैं।
अनंतनाग का रहने वाला है मुख्तार अहमद गुज्जर
पुलिस नोटिस के मुताबिक मुख्तार अहमद गुज्जर, पुत्र मोहम्मद रफीक गुज्जर, संगलान चित्तरगुल, अनंतनाग का रहने वाला है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन सौरा में FIR संख्या 20/2026 दर्ज है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 65(1) तथा POCSO Act की धारा 3/4 लगाई गई हैं।
फरमान खान पर लार पुलिस स्टेशन में मामला
दूसरे फरार विचाराधीन कैदी की पहचान फरमान खान, पुत्र अब्दुल गनी खान, निवासी सदानपोरा रागिस्तान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन लार में FIR संख्या 19/2026 दर्ज है। पुलिस नोटिस के अनुसार उसके खिलाफ BNS की धारा 137(2), 87 और POCSO Act की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस ने लोगों से मांगी मदद
दोनों के फरार होने के बाद कश्मीर जोन पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दोनों के ठिकाने या गतिविधि के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो वह तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करे अथवा आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करे। पुलिस ने यह भी कहा है कि दोनों की गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली सूचना देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम दिया जाएगा। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश तेज कर दी गई है।
जेल से कैसे हुए फरार, इसकी भी जांच
इस बीच दोनों विचाराधीन कैदी कड़ी सुरक्षा वाली श्रीनगर सेंट्रल जेल से किन परिस्थितियों में और किस तरह फरार हुए, इसकी जांच भी की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में उनके भागने के तरीके का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस की प्राथमिकता दोनों फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें दोबारा हिरासत में लेना है।

