उत्तराखंड में 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित, 23 प्रतिशत डिजिटाइज
- DSS Admin
- Jun 17, 2026
देहरादून, 16 जून (हि.स.)। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत अब तक 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 23 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत और टिहरी में 97 प्रतिशत फार्मों का वितरण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि डिजिटाइजेशन के मामले में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल में 25 प्रतिशत तथा पिथौरागढ़ में 23 प्रतिशत फार्म डिजिटाइज किए गए हैं। वहीं नैनीताल में चार प्रतिशत, देहरादून में सात प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में लगभग आठ प्रतिशत फार्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं।
डॉ. जोगदण्डे ने कहा कि सभी जिलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की ओर से 22,900 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात किए जा चुके हैं। इस संबंध में 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई तक गणना फार्मों का वितरण और संकलन कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा। 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा तथा 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर तक सभी दावे और आपत्तियों का निस्तारण कर 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से स्वयं भी ऑनलाइन गणना फार्म भर सकते हैं। इसके अलावा 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' सुविधा के जरिए मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। कॉल बुक होने के दो दिन के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करेगा।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें नाम, पिता अथवा पति के नाम, विधानसभा क्षेत्र और क्षेत्रवार विवरण के आधार पर मतदाता अपने बूथ और क्रम संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

