सारनाथ में पहली पत्नी के अन्तिम संस्कार में पति के शामिल न होने पर हंगामा, 1992 से पति अलग रह रहा
- DSS Admin
- May 17, 2026
—पुलिस के दबाब पर आया, प्रशासन और क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से हुआ अंतिम संस्कार
वाराणसी, 17 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी के सारनाथ थानाक्षेत्र के पैगंबरपुर में रविवार को पत्नी के मौत के बाद पति के अंतिम संस्कार में शामिल न होने पर परिजनों के साथ ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। परिजन महिला के शव को सड़क पर रखकर पति को बुलाने की मांग पर अड़ गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराने के बाद पति को भी मौके पर बुलवाया। बाद में महिला का अन्तिम संस्कार उसके पुत्र ने सरायमोहनाघाट पर किया। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में भी लोग तीखी प्रतिक्रिया देते रहे। वहीं, पति लल्लन बिंद ने कहा कि वह 1992 से ही अलग रह रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार पैगंबरपुर निवासी उषा देवी बिंद (55) की मौत लम्बी बीमारी से आज हो गई। उषादेवी के पुत्र अवधेश कुमार व पुत्री अर्चना बिंद ने अपने पिता लल्लन बिंद को इसकी जानकारी दी। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी लल्लन बिंद नहीं पहुंचे। इस पर लल्लन के परिजन और पुत्र के साथ पड़ोसी भी लामबंद होकर महिला के शव को सड़क पर रख दिया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप था कि लल्लन ने उषा देवी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी कर ली है। और उषा देवी और उनके बच्चों को अलग कर दिया। लल्लन अपनी दूसरी पत्नी मंजू देवी के साथ पैगंबरपुर (पंचक्रोशी) में किराए के मकान में बहन के साथ रहते हैं। लल्लन अपनी पहली पत्नी उषा देवी के मृत होने पर अन्तिम संस्कार में भी नहीं आ रहे। लल्लन बाद में पुलिस के दबाब में अन्तिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैगंबर आए। इस पारिवारिक विवाद में उषा देवी का अन्तिम संस्कार प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि लल्लन की दूसरी पत्नी से भी दो बेटियां और एक बेटा है।

