इंडस्ट्री 4.0 की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन, आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
- DSS Admin
- Jun 05, 2026
देहरादून, 05 जून (हि.स.)। दून विश्वविद्यालय और आईआईटी मद्रास के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को इंडस्ट्री 4.0 में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैटेरियल विज्ञान और साइबर सुरक्षा के कन्वर्जेन्स विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला हुई। कार्यशाला का आयोजन केंद्र सरकार के पार्टनरशिप फॉर एक्सीलेरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, उन्नत मैटेरियल, सेंसर तकनीक और इंडस्ट्री 4.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों एवं संभावनाओं से परिचित कराना है। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविद, शोधार्थी और उद्योग जगत के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
इस मौके पर दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) का उद्देश्य देश में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में नवाचार की संस्कृति विकसित करना तथा शिक्षा, उद्योग और सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय के शोधार्थी और संकाय सदस्य पीएआईआर नेटवर्क के तहत स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत मैटेरियल और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में शोध कार्य कर रहे हैं, जिनमें आईआईटी मद्रास मार्गदर्शक संस्था की भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अंतरविषयक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं को नई दिशा मिलेगी तथा छात्रों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक अनुसंधान परियोजनाओं में कार्य करने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
दून विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की फैकल्टी सदस्य एवं पीएआईआर कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि एएनआरएफ द्वारा नवंबर 2024 में इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में आईआईटी मद्रास तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञ विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन करेंगे।
कार्यशाला में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर जॉन ऑगस्टीन, प्रोफेसर जी.एल. सैमुअल और डॉ. चर्चित कुमार, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के डॉ. भूपेश जनोती, सीमेंस इंडस्ट्री के डॉ. आनंद फडनिस तथा आईआईटी-बीएचयू के डॉ. मयंक स्वर्णकार प्रमुख संसाधन व्यक्ति के रूप में शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान रोबस्ट एंड सिक्योर मल्टी-एजेंट सिस्टम, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में एआई और मेट्रोलॉजी की भूमिका, एडवांस्ड सेंसर सिस्टम, इंडस्ट्री 5.0 के लिए साइबर सुरक्षा तथा इंडस्ट्री 4.0 में साइबर-फिजिकल रेजिलिएंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
दून विश्वविद्यालय और आईआईटी मद्रास के अलावा देश के छह अन्य प्रमुख संस्थान भी इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। फरवरी 2025 में दून विश्वविद्यालय को एएनआरएफ की प्रतिष्ठित पीएआईआर योजना के तहत आईआईटी मद्रास नेटवर्क में शामिल किया गया था, जिसके बाद से दोनों संस्थान उन्नत शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में मिलकर कार्य कर रहे हैं।

