कुंभ-2027 में आश्रमों को विशेष सुविधाएं देने की मांग, मेलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

हरिद्वार, 19 जून (हि.स.)। अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद ने कुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आश्रमों और संत समाज को विशेष सुविधाएं एवं रियायतें प्रदान किए जाने की मांग उठाई है। परिषद की ओर से कुंभ मेलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आश्रमों को तीर्थयात्री सेवा केंद्र का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि हरिद्वार की पहचान मां गंगा के साथ-साथ यहां स्थित हजारों आश्रमों, मठों, अखाड़ों और संत परंपराओं से है। कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, चिकित्सा, सत्संग और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आश्रम निभाते हैं। ऐसे में आश्रमों पर आर्थिक और संसाधनगत भार कई गुना बढ़ जाता है।

परिषद ने मांग की है कि कुंभ अवधि में आश्रमों पर लगने वाले सभी प्रकार के वाणिज्यिक कर एवं शुल्क समाप्त किए जाएं।

हाउस टैक्स, सीवर टैक्स, जलकर और अन्य स्थानीय निकाय करों में पूर्ण छूट प्रदान की जाए। इसके अलावा आश्रमों के लिए विद्युत दरों को धार्मिक श्रेणी में रखते हुए बिजली बिल में विशेष छूट देने की मांग भी की है।

ज्ञापन में आश्रमों को श्रद्धालुओं की सेवा के लिए राशन सामग्री उपलब्ध कराने, अतिरिक्त जल कनेक्शन और स्वच्छ पेयजल की निःशुल्क व्यवस्था करने की मांग भी शामिल है।

परिषद ने कहा कि कुंभ केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति का महापर्व है। आश्रम और संत समाज इस महापर्व की आत्मा हैं, इसलिए उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना करोड़ों श्रद्धालुओं की सेवा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

ज्ञापन पर अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी तथा राष्ट्रीय महामंत्री तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास के हस्ताक्षर हैं।

   

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