विश्व दुग्ध दिवस पर डेयरी महाविद्यालय में डेयरी क्षेत्र के सभी हितधारक एक मंच पर आए

बीकानेर, 03 जून (हि.स.)। वेटरनरी विश्वविद्यालय के डेयरी महाविद्यालय में बुधवार को विश्व दुग्ध दिवस-2026 हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पहली बार डेयरी वैज्ञानिकों, डेयरी इंजीनियरों, डेयरी किसानों, डेयरी व्यवसायियों तथा डेयरी क्षेत्र के भावी विशेषज्ञों (छात्र-छात्राओं) को एक मंच पर एकत्रित कर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

डेयरी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. राहुल सिंह पाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एनर्जी मिल्क, फ्लेवर्ड मिल्क, लस्सी, छाछ, आइसक्रीम सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा उपस्थित जनों ने इनका स्वाद भी लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों, ग्रामीण महिलाओं, दुग्ध उत्पादकों, डेयरी व्यवसायियों, अधिकारियों एवं डेयरी इंजीनियरों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन्हीं के सतत प्रयासों के कारण भारत आज विश्व में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने डेयरी क्षेत्र के सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

प्रो. राहुल सिंह पाल ने अपने संबोधन में दुग्ध की गुणवत्ता एवं पोषण महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूध मानव जीवन का संपूर्ण आहार है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज तत्व, विटामिन तथा पर्याप्त मात्रा में जल पाया जाता है। उन्होंने कहा कि दूध एवं दुग्ध उत्पादों के बिना कोई भी सामाजिक अथवा पारिवारिक समारोह पूर्ण नहीं माना जाता।

उन्होंने बताया कि विकसित देशों की तुलना में भारत में प्रति पशु दुग्ध उत्पादन अभी भी अपेक्षाकृत कम है। इसे बढ़ाने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक पशु आहार, हरे चारे का अधिक उपयोग, कृत्रिम गर्भाधान, लिंग वर्गीकृत वीर्य (सेक्स सॉर्टेड सीमन) तथा क्लोनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु चारा देने वाले वृक्षों के अधिकाधिक रोपण पर भी बल दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) के निदेशक डॉ. ए.के. पूनिया तथा उरमूल डेयरी प्रबंधन के प्रतिनिधि बाबूलाल विश्नोई ने भी विश्व दुग्ध दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, पशुपालकों, अधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डेयरी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, पशुपालक, विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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