अमृतसर जेल में बंद युवक की मौत:शरीर पर मिले इंजेक्शन के निशान से नशे का संदेह, लंबे समय था बीमार, देरी से इलाज का आरोप
- DSS Admin
- May 10, 2026
अमृतसर में गुरु नानक देव अस्पताल में उपचाराधीन एक 28 वर्षीय कैदी, लवप्रीत सिंह की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। पिछले करीब ढाई साल से जेल में बंद लवप्रीत की मौत को लेकर उसके परिजनों ने जेल प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक की बहन और अन्य परिजनों का आरोप है कि लवप्रीत लंबे समय से बीमार चल रहा था, लेकिन जेल प्रशासन ने न तो उसका उचित इलाज करवाया और न ही परिवार को उसकी गिरती सेहत के बारे में सूचित किया। परिजनों का दावा है कि जब लवप्रीत की हालत अत्यंत नाजुक हो गई, तब उसे अस्पताल लाया गया, जहाँ समय पर कोई जिम्मेदार डॉक्टर या अधिकारी उसकी देखभाल के लिए मौजूद नहीं था। जेल के भीतर नशे की आपूर्ति पर उठे सवाल परिजनों ने जेल की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि मृतक की बाहों पर इंजेक्शन के निशान मिले हैं, जिससे जेल के भीतर नशे की आसान उपलब्धता का संदेह गहरा गया है। परिवार ने आरोप लगाया कि जेल में कैदियों की हालत बिगड़ने तक उनकी सुध नहीं ली जाती और वहां नशीले पदार्थों की आपूर्ति बेखौफ जारी है। "गलत मामले में फंसाया गया था लवप्रीत को" लवप्रीत के भाई ने भावुक होते हुए कहा कि उसे एक झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था और पूरा गांव उसकी बेगुनाही की गवाही देने को तैयार है। परिजनों ने मांग की है कि जेल और अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाए ताकि मौत के असली कारणों और लापरवाही का सच सामने आ सके। पुलिस जांच का आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही मजीठा रोड थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि उनकी शिकायतों और आरोपों के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जाएगी। फिलहाल, युवक की मौत के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है और उन्होंने इंसाफ न मिलने तक संघर्ष की चेतावनी दी है।

