बरनाला में खेत में हवाई फायरिंग से किसान घायल:भाई के रिवॉल्वर से चलाई थी गोली, छर्रे लगे, लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया

बरनाला जिले के गांव नीलो कोठे में हथियारों के इस्तेमाल में घोर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए की गई हवाई फायरिंग के दौरान एक किसान को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल किसान को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता की पत्नी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव नीलो कोठे के रहने वाले बलविंदर सिंह अपने खेत में लगी पानी की मोटर को देखने के लिए मोटरसाइकिल से जा रहे थे। जब वे खेतों के रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क पर चढ़ने लगे, तभी अचानक उनकी छाती में कोई तेज चीज आकर लगी। इसके तुरंत बाद उनकी छाती से तेजी से खून बहने लगा और वे वहीं गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आस-पास के लोगों ने पहुंचाया अस्पताल वहाँ खेतों में मौजूद अन्य लोगों ने बिना वक्त गंवाए बलविंदर सिंह को संभाला और गाड़ी का इंतजाम करके उन्हें तुरंत बीएमसी अस्पताल बरनाला पहुंचाया। डॉक्टरों ने बलविंदर सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया है और फिलहाल उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पड़ोसी ने चचेरे भाई की रिवॉल्वर से की थी फायरिंग हादसे के बाद जब परिजनों ने पड़ताल की, तो उन्हें पता चला कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी। दरअसल, बलविंदर सिंह के खेत के पड़ोसी ने अपनी मक्की की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कथित तौर पर हवाई फायर किया था। आरोप है कि पड़ोसी ने इस फायरिंग के लिए अपने चाचा के लड़के जगराज सिंह की लाइसेंसी रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया था। इसी हवाई फायर की गोली या उसका छर्रा सीधे जाकर बलविंदर सिंह की छाती में लग गया। गांव में हथियारों के इस्तेमाल पर बढ़ी चिंता थाना शेहणा की इंचार्ज रेनू का कहना है कि घायल किसान बलविंदर सिंह की पत्नी करमजीत कौर के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है कि रिहायश और खेतों के पास इस तरह लापरवाही से हथियार का इस्तेमाल कैसे किया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है और लोग आबादी वाले इलाकों या खेतों में हथियारों के ऐसे खतरनाक और लापरवाही भरे इस्तेमाल को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते बलविंदर सिंह को अस्पताल न पहुंचाया जाता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

   

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