बरनाला निगम चुनाव, 50 वार्डों में 196 नामांकन:AAP प्रत्याशियों के साथ पहुंचे सांसद, त्रिकोणीय-चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार

बरनाला नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। चुनाव के लिए नामांकन (पर्चा) दाखिल करने के अंतिम दिन उम्मीदवारों में भारी उत्साह देखा गया। शहर के कुल 50 वार्डों के लिए अब तक रिकॉर्ड 196 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। नामांकन के आखिरी दिन ही अकेले 140 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे भरे, जिसके बाद चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। चुनाव विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन से पहले तक केवल 56 उम्मीदवारों ने ही अपने पर्चे दाखिल किए थे। लेकिन आखिरी दिन पासा पलटा और भारी गहमागहमी के बीच 140 नए उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा कराए। इसके साथ ही कुल उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 196 हो गई है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ के कारण नामांकन केंद्रों पर सुबह से लेकर शाम तक भारी रौनक और गहमागहमी देखने को मिली। 'आप' उम्मीदवारों की पैरवी करने पहुंचे सांसद मीत हेयर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल करवाने के लिए सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर नामांकन केंद्र पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए मीत हेयर ने दावा किया कि 'आप' सरकार राज्य और बरनाला शहर में पिछले चार वर्षों के दौरान किए गए रिकॉर्ड विकास कार्यों के दम पर चुनावी मैदान में उतरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बरनाला की जनता विकास को प्राथमिकता देते हुए 'आप' के उम्मीदवारों के पक्ष में ही अपना मजबूत जनादेश देगी। त्रिकोणीय-चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार सत्तारूढ़ दल के साथ-साथ विपक्षी दल भी चुनावी रण में पूरी तरह सक्रिय नजर आए। शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बचे हुए सभी प्रमुख और दिग्गज उम्मीदवारों ने भी ढोल-नगाड़ों और समर्थकों के भारी हुजूम के साथ अपने-अपने वार्डों के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। सभी दलों द्वारा पूरी ताकत झोंकने से यह साफ हो गया है कि बरनाला के सभी 50 वार्डों में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा और कांटे का होने वाला है। स्क्रूटनी के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर नामांकन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद अब आगामी दिनों में चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा दाखिल किए गए सभी पर्चों की बारीकी से जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेने (नाम वापसी) का समय दिया जाएगा। नाम वापसी की अवधि बीत जाने के बाद ही चुनावी मैदान की वास्तविक और अंतिम तस्वीर साफ हो पाएगी कि किस वार्ड से सीधे तौर पर कितने उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

   

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