रोपड़ में सड़क पर मिट्टी का ढेर बना काल:अंधेरे में दिखाई ​नहीं दिया, अ​नियंत्रत हुई कार 3 खंभे तोड़ गड्ढे में गिरी, IIT के टेक्नीशियन की मौत

रोपड़-आईआईटी रोड पर शुक्रवार रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। ड्यूटी पर जा रहे आईआईटी रोपड़ के एक 35 वर्षीय लैब टेक्नीशियन की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस भीषण हादसे में टेक्नीशियन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिवार और आईआईटी परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान सिमरजीत सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है। सिमरजीत मूल रूप से मोरिंडा के पास स्थित गांव काजला के निवासी थे और वर्तमान में आईआईटी रोपड़ के कैंपस में ही रह रहे थे। वह आईआईटी रोपड़ की सीआरएफ (CRF) लैब में बतौर टेक्नीशियन तैनात थे। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे सिमरजीत अपनी कार में सवार होकर रोपड़ से आईआईटी कैंपस में नाइट ड्यूटी के लिए जा रहे थे। मिट्टी का ढेर और अंधेरा बना काल, 3 खंभे तोड़ती हुई गड्ढे में जा गिरी कार चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मार्ग पर इन दिनों सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसके कारण रास्ते में मिट्टी का एक बहुत बड़ा ढेर लगा हुआ था। रात का अंधेरा होने और कार की गति तेज होने के कारण सिमरजीत को सड़क पर पड़ा मिट्टी का ढेर समय रहते दिखाई नहीं दिया, जिससे कार का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। इसके बाद बेकाबू हुई कार रफ्तार के कारण सड़क किनारे लगे बिजली के तीन खंभों को एक के बाद एक तोड़ती हुई सीधे पास के गहरे गड्ढे में जा गिरी। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सिमरजीत को संभलने का एक भी मौका नहीं मिला, जिससे उनकी घटना स्थल पर ही सांसें थम गईं। राहगीरों ने मशक्कत कर निकाला शव, पुलिस जांच में जुटी जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने भारी मशक्कत के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी कार का दरवाजा तोड़कर सिमरजीत के शव को बाहर निकाला और तुरंत पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह (डेड हाउस) में रखवा दिया है। मृतक के शोकाकुल परिजनों का आरोप है कि सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही और रास्ते में बिना किसी संकेतक (Signboard) के छोड़े गए मिट्टी के ढेर के कारण ही यह हादसा हुआ है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामला पंजीकृत कर लिया है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच शुरू कर दी है।

   

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