देश में पहली बार गुजरात में बनेगा ‘सेवा आयुक्तालय’, सर्विस सेक्टर को मिलेगा नया बल

- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला

गांधीनगर, 03 जून (हि.स.)। गुजरात सरकार ने देश में पहली बार सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) के विकास को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में गुजरात में अलग से ‘सेवा आयुक्तालय’ (सर्विस कमिश्नरेट ) स्थापित करने तथा ‘सेवा आयुक्त’ के आधिकारिक पद का सृजन करने का निर्णय लिया गया।

राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि जिस प्रकार गुजरात में उद्योगों के विकास और प्रोत्साहन के लिए उद्योग आयुक्तालय कार्यरत है, उसी प्रकार अब सेवा क्षेत्र के लिए भी एक स्वतंत्र आयुक्तालय कार्य करेगा। यह पहल देश में अपनी तरह की पहली व्यवस्था होगी और अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगी।

मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस सेक्टर पर भी फोकस

प्रवक्ता मंत्री ने कहा कि गुजरात लंबे समय से अपनी मजबूत औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है। लेकिन बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार अब सेवा क्षेत्र के विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था अधिक संतुलित, आधुनिक और गतिशील बन सके।

उन्होंने बताया कि गुजरात में सेवा क्षेत्र के व्यापक और संगठित विकास के लिए ‘जीआरआईटी’ द्वारा सेवा आयुक्तालय की स्थापना की सिफारिश की गई थी। सरकार ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए आयुक्तालय की स्थापना और सेवा आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

आईटी, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

नई व्यवस्था के तहत सेवा आयुक्तालय राज्य के तेजी से विकसित हो रहे सेवा क्षेत्रों जैसे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), पर्यटन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य सेवा उद्योगों के विकास में प्रमुख भूमिका निभाएगा। यह आयुक्तालय नई नीतियों के निर्माण, निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार के लिए केंद्रीय संस्था के रूप में कार्य करेगा।

सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में निवेश बढ़ेगा, नए उद्यम स्थापित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। विशेष रूप से आईटी, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में तेजी से रोजगार सृजन होने की संभावना है।

100 करोड़ रुपये का ‘सर्विस सेक्टर ग्रोथ फंड’

राज्य सरकार ने सेवा क्षेत्र को वित्तीय मजबूती प्रदान करने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये के ‘सर्विस सेक्टर ग्रोथ फंड’ की भी व्यवस्था की है। इस फंड का उद्देश्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) तथा स्टार्टअप्स को समय पर और आसानी से विकास पूंजी उपलब्ध कराना है।

इस फंड के माध्यम से नवाचार आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा और नई कंपनियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने में सहायता प्राप्त होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे सेवा क्षेत्र में निवेश और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।

गुजरात को सर्विस सेक्टर का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की तैयारी

प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने विश्वास व्यक्त किया कि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त करने के बाद गुजरात अब सर्विस सेक्टर के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि सेवा आयुक्तालय राज्य के आर्थिक विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा और गुजरात को आधुनिक सेवा अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्य सरकार का यह निर्णय न केवल गुजरात की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देगा, बल्कि देश में सेवा क्षेत्र आधारित विकास मॉडल की भी मजबूत नींव रखेगा।

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