मोगा में युवक से परेशान नाबालिग ने पीया जहर:परिजन बोले- कई बार पुलिस से की शिकायत पर कार्रवाई नहीं, रोजाना धमका रहा था आरोपी

मोगा के मैहना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने एक युवक की प्रताड़ना और डराने-धमकाने से तंग आकर जहरीली दवाई पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पीड़िता को गंभीर हालत में मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर लापरवाही और सुनवाई न करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पीड़िता के भाई ने भी पुलिस की ढिलाई को लेकर रोष प्रकट किया है। फिलहाल पीड़िता की हालत पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। लगातार डरा धमका रहा था युवक, तंग होकर उठाया कदम अस्पताल में उपचाराधीन पीड़िता ने बताया कि गांव के ही एक लड़के ने कुछ समय पहले उसके साथ बदसलूकी की थी। इसके बाद से ही वह उसे लगातार डरा-धमका रहा था और दोबारा बदसलूकी करने के लिए मजबूर कर रहा था। इस मानसिक प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर आखिरकार उसने खौफनाक कदम उठाते हुए जहरीली दवा पी ली। मां का आरोप— "बेटी को हवस का शिकार बनाना चाहता था आरोपी" पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि उनके गांव का एक व्यक्ति लंबे समय से उनकी नाबालिग बेटी के पीछे पड़ा हुआ था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था। हाल ही में बेटी ने अपनी मां को बताया था कि वह बुरी तरह मानसिक रूप से परेशान है, क्योंकि आरोपी उसे रास्ते में जबरन रोकता है और उसके मोबाइल फोन पर भी लगातार परेशान करता है। मां के अनुसार, उन्होंने आरोपी के परिवार से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन आरोपी और उसके परिजनों ने पीड़िता के परिवार को धमकियां दीं और बीच-बचाव करने आए पंचायत सदस्यों के साथ भी गाली-गलौज की। "पुलिस ने नहीं की सुनवाई, थाने के बाहर ही बेटी ने उठाया कदम" पीड़िता के परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मां ने बताया कि आरोपी से तंग आकर उन्होंने गांव के सरपंच मनदीप सिंह और अन्य पंचायत सदस्यों के साथ मिलकर मैहना थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। पीड़िता की मां का कहना है कि हमें दोबारा थाने बुलाया गया था, लेकिन पुलिस ने फिर भी हमारी बात नहीं सुनी। पुलिस के इस ढुलमुल रवैए से निराश होकर जब हम थाने से बाहर आए, तो हमारी बेटी ने अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर जहरीली दवाई पी ली और वहीं गिर पड़ी। हम उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर भागे।"

   

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