शाहपुरकंडी बैराज से कंडी क्षेत्र के लिए पानी छोड़ा:पठानकोट में धान की रोपाई के लिए शुरू हुआ ट्रायल, 5 हजार हेक्टेयर भूमि की होगी सिंचाई
- Neha Gupta
- Jun 03, 2026
शाहपुरकंडी बैराज बांध से कंडी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का कार्य नहरी विभाग ने शुरू कर दिया है। पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार, धान की रोपाई के लिए नहरों से खेतों की सिंचाई हेतु पानी छोड़ने की प्रक्रिया गत दिवस से अमल में लाई गई है। इस पहल के तहत, नहरी विभाग ने शाहपुरकंडी बैराज बांध की झील पर बने सात में से एक गेट को दो फीट ऊंचा उठाकर 10 क्यूसिक पानी का बहाव विभाग द्वारा बनाए गए सुओं में डाल दिया है। यह पानी गांव राजपुरा, कमुयाल, जैनी, बरकुला, जिंदराई, छन्नी और अन्य गांवों में सिंचाई के लिए छोड़ा गया है। इसके लिए नहरी विभाग ने ट्रायल भी शुरू कर दिया है। पांच हजार हेक्टेयर भूमि की होगी सिंचाई शाहपुरकंडी बैराज बांध प्रशासन के अनुसार, उनके विभाग ने नहरी विभाग को सुओं में पानी छोड़ने के लिए एक गेट खोलने का निर्देश दिया था। पावर हाउसों तक बनी नहर के किनारे से सुओं में पानी छोड़ा जा रहा है। यह योजना कंडी क्षेत्र के कई गांवों की पांच हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की है। वर्तमान में, पांच में से केवल तीन सुओं में ही पानी छोड़ा गया है। विभाग ने बताया कि शेष सुओं का निर्माण पूरा होने पर उनमें भी पानी छोड़कर बची हुई भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। झील का जलस्तर 401.38 मीटर पहुंचा शाहपुरकंडी बैराज बांध की झील का जलस्तर 401.38 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम जल भंडारण क्षमता 404 मीटर है। वहीं, शाहपुरकंडी बैराज बांध से माधोपुर हेडवर्क्स की ओर दस हजार क्यूसिक पानी का बहाव छोड़ा जा रहा है। इस पानी को एमबी लिंक नहर में 3800 क्यूसिक, यूबीडीसी नहर में 5500 क्यूसिक, कश्मीर कैनाल में 500 क्यूसिक और इस्लामपुर फीडर में 200 क्यूसिक की मात्रा में निचले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए वितरित किया जा रहा है।

