हाथरस : एसडीएम ने निपटाया कब्जे का मामला, पोखर और तालाब को बताया गांवों की जीवनरेखा
- DSS Admin
- Jun 09, 2026
हाथरस, 09 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सादाबाद के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मनीष चौधरी ने मंगलवार को के क्षेत्र में पोखर पर अतिक्रमण, अवैध कब्जे की शिकायत पर नायब तहसीलदार प्रतीक्षा कटारा और राजस्व टीम के साथ कजरौठी गांव पहुंचे। उन्होंने यहां पैमाइश कर सरकारी पोखर पर अवैध कब्जे के आरोपों से जुड़ा विवाद सुलझाया।
दरअसल, कजरौठी गांव के कुछ लोगों द्वारा लगातार उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र दिए जा रहे थे। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि गाटा संख्या 640 पर स्थित सरकारी पोखर पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गांव निवासी बिजेंद्र शर्मा पर भी अपने मकान निर्माण में अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया था। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मामले की सच्चाई जानने के लिए जांच का निर्णय लिया। मंगलवार दोपहर को एसडीएम मनीष चौधरी और नायब तहसीलदार प्रतीक्षा कटारा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। टीम ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में पोखर की दोबारा पैमाइश की और विवादित मकान के निर्माण क्षेत्र का भी बारीकी से निरीक्षण किया। घंटों चली इस जांच प्रक्रिया में सरकारी अभिलेखों, जैसे नक्शा और खतौनी से मिलान किया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि न तो पोखर पर कोई अवैध कब्जा किया गया है और न ही मकान निर्माण में किसी प्रकार का अतिक्रमण हुआ है। सभी सीमाएं सही पाई गईं, जिससे शिकायतें तथ्यहीन साबित हुईं।
एसडीएम मनीष चौधरी ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि पोखर और तालाब गांवों की जीवनरेखा हैं। जल संरक्षण के लिए पोखर और तालाब ही एकमात्र सहारा हैं। इसलिए इनका स्वरूप बिगड़ना नहीं चाहिए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी ने सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंत में, अधिकारियों ने ग्रामीणों से आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
---------------

