केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला की राष्ट्रीय रैंकिंग पर शांता कुमार ने दी बधाई
- DSS Admin
- Jun 08, 2026
शिमला, 08 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव और सौभाग्य की बात है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला ने देश के सैकड़ों विश्वविद्यालयों के बीच राष्ट्रीय रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है।
शांता कुमार ने सोमवार को एक बयान में इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतप्रकाश बंसल सहित सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि जिस केंद्रीय विश्वविद्यालय ने देशभर में हिमाचल का नाम रोशन किया है, उसे स्थापना के 14 वर्ष बाद भी धर्मशाला में अपना स्थायी परिसर बनाने के लिए राज्य सरकार का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्णय के अनुसार केंद्रीय विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर धर्मशाला में तथा दूसरा परिसर देहरा में स्थापित किया जाना था।
शांता कुमार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने देहरा परिसर के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी, लेकिन धर्मशाला परिसर के लिए देय 30 करोड़ रुपये आज तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से 30 करोड़ रुपये का अंशदान न मिलने के कारण यह राशि खर्च नहीं हो पा रही है और वापस लौटने की स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ यह अन्याय हो रहा है और कांगड़ा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर मौन हैं।
शांता कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वे केंद्रीय विश्वविद्यालय को पूरी तरह देहरा स्थानांतरित करने के किसी भी प्रयास का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि यह मामला अब हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में पहुंच चुका है और न्यायालय ने राज्य सरकार से पूछा है कि धर्मशाला परिसर के लिए 30 करोड़ रुपये कब जारी किए जाएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई से पहले यह राशि जारी कर दी जाए। शांता कुमार ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय की शानदार राष्ट्रीय रैंकिंग के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री की ओर से यह सबसे बड़ा और सार्थक उपहार होगा।
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