चारधाम हेली सेवाओं के अगले चरण से पहले सुरक्षा और ढांचे को मजबूत किया जाए : मुख्य सचिव

देहरादून, 06 जुलाई (हि.स.)। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चारधाम हेली सेवाओं के अगले चरण से पहले सभी सुरक्षा एवं अवसंरचनात्मक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में विमानन अवसंरचना के विस्तार और हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड शासन के अधिकारियों ने वर्ष 2026 की चारधाम हेली सेवाओं के पहले चरण की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि पहला चरण 19 अप्रैल से 26 जून तक सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हुआ, जबकि दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होना प्रस्तावित है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि मध्यावधि के दौरान सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ किया जाएगा और आवश्यक अवसंरचना विकसित कर अगले चरण की तैयारियां पूरी की जाएंगी। परिचालन सुरक्षा, मौसम संबंधी सूचना तंत्र और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा ने उत्तराखंड के लिए विमानन विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा और दूरस्थ क्षेत्रों तक विमानन सेवाओं का विस्तार किया जा सकेगा।

बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त वेदर ऑब्जर्वेशन स्टेशन स्थापित करने तथा मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी।

समीक्षा के दौरान संशोधित उड़ान (यूडीएएन) योजना के तहत उत्तराखंड के लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित करने और राज्य में तीन नए एयरस्ट्रिप की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

   

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