अल नीनो को लेकर किसानों को जागरूक करने में जुटी योगी सरकार

गोरखपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। सुपर अल नीनो के प्रभाव में कम बारिश या सूखा पड़ने की आशंका को देखते हुए योगी सरकार किसानों को जागरूक करने में जुट गई है। इस आशंका के हकीकत में बदलने पर भी अन्नदाता किसानों की आय कम न होने पाए, इसके लिए कृषि विभाग ने मुहिम शुरू की है। विभाग की तरफ से किसानों को कम पानी की खपत वाली फसलों की पैदावार करने की सलाह दी जा रही है। इस बीच कृषि विभाग की तरफ से सभी किसानों से यह आग्रह भी किया जा रहा है कि वे किसी भी संभावित नुकसान से बचने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं।

सुपर अल नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाने की घटना है। इसके प्रभाव से वैश्विक मानसूनी हवाएं कमजोर हो जाती हैं। सुपर अल नीनो के परिप्रेक्ष्य में सबसे बड़ा खतरा वर्तमान खरीफ की मुख्य फसलों धान और मक्का पर मंडरा सकता है क्योंकि इसके कारण बारिश कम हो सकती है या सूखे की स्थिति बन सकती है।

गोरखपुर के जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी के अनुसार अल नीनो के प्रतिकूल प्रभाव से बचने और फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को भी अपने स्तर पर तैयारियां करने के लिए सुझाव दिए जा रहे हैं। इसके लिए फसल प्रबंधन और विविधता पर ध्यान देना समीचीन होगा। मसलन, किसान कम फसल वाली फसलों को चुनें, जहां पानी की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता हो वहीं धान की बुआई करें। धान की फसल डीसीआर (डायरेक्ट सीडेड राइस या धान की सीधी बुआई) पद्धति से लगाएं, इससे 30 से 40 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। जहां पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, वहां कम पानी और कम समय में पकने वाली फसलों जैसे दलहन (अरहर, मूंग, उर्द), तिलहन (तिल, मूंगफली) और मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) को प्राथमिकता दे सकते हैं।

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों या राज्य कृषि विभाग की सलाह पर सूखे के प्रति उन्नत बीजों का चयन करने के साथ ही ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई का उपयोग करना वर्तमान समय के अनुकूल होगा। खेत का पानी खेत में रोकने और वर्षा की प्रत्येक बूंद सहेजने के लिए खेतों की मेड़बंदी मजबूत करने की भी जरूरत है। मल्चिंग मिट्टी की नमी को उड़ने से बचाने के लिए फसलों के बीज में पुआल या सूखी पत्तियों की परत को बिछाना लाभप्रद होगा।

जिला कृषि अधिकारी ने कहा है कि किसानों को खरीफ सत्र में किसी नुकसान से बचने के लिए फसलों का बीमा जरूर करा लेना चाहिए। इसके अलावा उन्हें खाद, बीज आदि की खरीद के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना चाहिए, इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में नकदी की कमी नहीं होगी।

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