आआपा ने मालवीय नगर होटल अग्निकांड को लेकर सरकार पर साधा निशाना, मुआवजे की मांग
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बुधवार को मालवीय नगर होटल अग्निकांड को लेकर सरकार पर निशाना साधा। आआपा ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को उचित मुआवजे देने की मांग की।
आतिशी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मालवीय नगर में आग लगने से 20 लोगों की जान जाने की खबर बहुत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दुख की इस घड़ी में उन्हें शक्ति और साहस मिले। साथ ही उन्होंने घायलों की भलाई और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने सरकार से सवालिया लहजे में पूछा कि दिल्ली में बार-बार हो रहे अग्निकांडों और मासूम लोगों की मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? फायर सेफ्टी व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों हो गई है?
आतिशी ने कहा कि हर हादसे के बाद सिर्फ बयान आते हैं, लेकिन जवाबदेही कहीं नजर नहीं आती। लोगों की जान की कीमत पर यह लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं है।
आआपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि फरवरी में पालन में आग लगी थी जिसमें 9 लोग जलकर मर गए, सरकार ने जांच कराने को कहा लेकिन जांच रिपोर्ट तीन महीने बाद भी नहीं आई। उन्होंने कहा कि जब विवेक विहार में आग लगी, फायर ब्रिगेड में पानी नहीं था और आज अब 20 से 21 लोग यहां जलकर मरे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बहुत से लोग यहां मजबूरी में बाहर से आए हैं, मजबूरी में छोटे घरों और होटलों में रहकर परिवार का इलाज करा रहे हैं, लेकिन सरकार उल्टा उन्हीं को दोष दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले मे अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आगे से इस तरह की घटना से बचा जा सके।
आआपा प्रवक्ता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने मालवीय नगर के होटल में लगी आग की घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि हर बार ऐसी दुर्घटना के बाद दिल्ली सरकार फायर ऑडिट कराने, सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और कमियों को दूर करने के दावे करती है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि अगर ऑडिट और कार्रवाई वास्तव में हो रही है, तो फिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं?
संजीव झा ने कहा कि फायर विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने सरकार से कई सवाल किए कि क्या सुरक्षा नियम केवल कागज़ों तक सीमित हैं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है? सरकार हर हादसे के बाद वही बयान देने के बजाय स्थायी समाधान क्यों नहीं सुनिश्चित कर पा रही?
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि यह सिर्फ हादसा नहीं, सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अगर फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा था तो इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हुई?
अंकुश नारंग ने इस घटना पर सरकार से जवाब मांगा कि क्या फायर एनओसी थी या नहीं, बेसमेंट का इस्तेमाल नियमों के अनुसार हो रहा था या नहीं और आखिरी फायर सेफ्टी ऑडिट कब हुआ। उन्होंने सरकार से कार्रवाई और पीड़ितों को उचित मुआवजे देने की मांग की
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