सीमा सुरक्षा, जनकल्याण और सांस्कृतिक पहचान को लेकर कैबिनेट के कई महत्वपूर्ण फैसले : अग्निमित्रा पाल

कोलकाता, 03 जून (हि. स.)। राज्य की महिला एवं शिशु कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार सीमा सुरक्षा, जनकल्याण और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

मंत्री ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर अंतरराष्ट्रीय सीमा बाड़ (फेंसिंग) निर्माण के लिए लंबे समय से लंबित भूमि हस्तांतरण के मुद्दे पर सरकार ने त्वरित निर्णय लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार से बार-बार अनुरोध और न्यायालय की टिप्पणियों के बावजूद बीएसएफ को आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई थी। नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही इस मामले पर निर्णय लेते हुए लगभग 31.95 एकड़ भूमि बीएसएफ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने बताया कि उत्तर दिनाजपुर जिले में 11 स्थानों पर करीब 12.7 एकड़ भूमि सीमा बाड़ निर्माण के लिए हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है।

उनके अनुसार, यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर पूर्ववर्ती सरकार ने कई तरह की भ्रामक जानकारियां फैलाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मां आहार योजना को बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसे और सशक्त बनाया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सीवर और नालों की सफाई का कार्य अब मशीनों के माध्यम से कराया जाएगा तथा किसी भी व्यक्ति से मैन्युअल तरीके से यह कार्य नहीं कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुरजीत मिश्रा को पश्चिम बंगाल का नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया है। इसके साथ ही राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 20 जून को आधिकारिक रूप से पश्चिम बंगाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

अग्निमित्रा ने कहा कि इस विषय को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अब सरकार ने इसे औपचारिक मान्यता प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि महान शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक और जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती राज्य स्तर पर विशेष रूप से मनाई जाएगी।

इस अवसर पर उनकी स्मृति में 125 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उपयुक्त स्थान का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी की जयंती पर इस परियोजना का शिलान्यास किए जाने की भी योजना है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान महत्व देते हुए आगे बढ़ रही है तथा कैबिनेट के हालिया निर्णय इसी सोच का प्रतिबिंब हैं।

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