कामरूप में डीजीपे सखियों को लैपटॉप देकर किया गया सशक्त

कामरूप (असम), 19 मई, (हि.स.)। कामरूप जिले के अमीनगांव स्थित एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में मंगलवार को डिजीपे सखियों के लिए लैपटॉप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कामरूप के जिला आयुक्त देब कुमार मिश्रा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ गोस्वामी, एएसआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुमित प्रसाद दास सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान कुल 71 डिजीपे सखियों को लैपटॉप वितरित किए गए।

इस अवसर पर जिला आयुक्त ने कहा कि पूरे देश की तरह असम भी स्मार्टफोन युग में वित्तीय लेन-देन के डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भुगतान और मोबाइल आधारित लेन-देन अब आम जीवन का हिस्सा बनते जा रहे हैं, ऐसे में जमीनी स्तर पर डिजीपे सखियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि लैपटॉप मिलने से डिजीपे सखियां लेन-देन को अधिक सुगमता और दक्षता के साथ संचालित कर सकेंगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कैशलेस भुगतान प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। जिला आयुक्त ने यह भी कहा कि डिजिटल और कैशलेस लेन-देन लोगों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाता है, क्योंकि इससे बिना किसी बिचौलिए के सीधे भुगतान संभव हो पाता है।

उल्लेखनीय है कि डिजीपे सखी, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित एक महत्वपूर्ण वित्तीय समावेशन पहल है। इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सक्षम बनाना है।

डिजीपे सखियां सामुदायिक स्तर पर बैंकिंग एजेंट के रूप में कार्य करती हैं और ग्रामीण नागरिकों को उनके घर के निकट बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। लैपटॉप प्राप्त करने के बाद डिजीपे सखियों ने खुशी जताते हुए कहा कि इससे वे अधिक दक्षता के साथ काम कर सकेंगी और अपने लक्ष्यों को बेहतर ढंग से पूरा कर पाएंगी।

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