फलता पुनर्मतदान से जहांगीर खान के हटने पर तृणमूल की सफाई, कहा- यह उनका निजी फैसला
- DSS Admin
- May 19, 2026
कोलकाता, 19 मई (हि.स.)। फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के अचानक पीछे हटने के बाद आखिरकार ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। पार्टी ने कहा है कि चुनाव मैदान से हटने का फैसला जहांगीर खान का व्यक्तिगत निर्णय है, न कि पार्टी का।
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से केवल फलता विधानसभा क्षेत्र में ही पार्टी के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई, उन्हें बंद कराया गया और दिनदहाड़े कब्जा कर लिया गया, जबकि बार-बार शिकायतों के बावजूद निर्वाचन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
तृणमूल ने अपने बयान में कहा कि भारी दबाव के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता मजबूती से भाजपा के खिलाफ डटे हुए हैं। हालांकि कुछ लोग दबाव में आकर मैदान छोड़ने को मजबूर हुए। पार्टी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बंगाल विरोधी भाजपा के खिलाफ उसकी लड़ाई पश्चिम बंगाल और दिल्ली दोनों जगह जारी रहेगी।
इससे पहले मंगलवार को जहांगीर खान ने संवाददाता सम्मेलन कर घोषणा की थी कि वह 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा फलता के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा किए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
जहांगीर ने कहा था कि वह फलता के “भूमिपुत्र” हैं और क्षेत्र में शांति तथा विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित विशेष पैकेज क्षेत्र के विकास में मदद करेगा, इसलिए उन्होंने पुनर्मतदान की प्रक्रिया से खुद को अलग करने का निर्णय लिया।
वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि जहांगीर खान पुनर्मतदान से इसलिए पीछे हटे क्योंकि उन्हें मतदान एजेंट नहीं मिल रहे थे।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया है। आयोग ने ईवीएम बटन से छेड़छाड़, मतदान में बाधा और अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोपों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला माना था।
राजनीतिक दृष्टि से यह सीट बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि फलता विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, जिसे लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी यहां से सांसद हैं।

