मुरादाबाद में 'कचरे से कंचन' की मुहिम : गांवों में एक रुपये रोज़ के सहयोग से उठेगा घर-घर का कूड़ा

गोद लिए ठाकुरद्वारा के ग्राम वीरूवाला गांव पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया

मुरादाबाद, 19 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में गांवों को साफ-सुथरा, आदर्श और विवाद-मुक्त बनाने के लिए मुरादाबाद प्रशासन ने एक नई और आसान पहल शुरू की है। प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी सफाई कर्मियों के भरोसे पूरे गांव की सफाई मुमकिन नहीं है, इसके लिए गांव वालों का साथ बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए 'कचरे से कंचन' (वेस्ट टू वेल्थ) की मुहिम शुरू की गई है, जिसके तहत घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए हर परिवार से रोज़ाना मात्र 1 रुपये (यानी महीने के 30 रुपये) का सहयोग मांगा गया है।

जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने तहसील ठाकुरद्वारा का ग्राम वीरूवाला गांव गोद लिया है। जिलाधिकारी मंगलवार को अपने गोद लिए गांव पहुंचे और वहां की व्यवस्थाएं और जरूरतों को लेकर ग्रामीण जनों के बातचीत की।

जिलाधिकारी ने बताया कि आगे चलकर सरकार की योजना है कि हर गांव अपने विकास कार्यों के लिए खुद आत्मनिर्भर बने। भविष्य में गांवों को सरकारी ग्रांट तभी मिलेगी, जब ग्राम पंचायतें अपनी तरफ से भी कुछ कमाई (राजस्व) करेंगी और आने वाले समय में जब यह नियम लागू होगा, तो गांव वालों पर अचानक 50 या 100 रुपये महीने का बोझ न पड़े, इसलिए अभी से यह 1 रुपये रोज़ का आसान और व्यावहारिक रास्ता निकाला गया है। इस 1 रुपये के सहयोग से ई-रिक्शा के जरिए घर-घर से कूड़ा उठाया जाएगा और गांव के कचरा निस्तारण केंद्रों को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।

हर शुक्रवार होगा निरीक्षण, बनेगी 'ग्राम कुल' समिति

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर अब हर शुक्रवार को ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों का सुबह और शाम निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस उन गांवों पर है जो विकास से कटे हुए हैं। गांव के विकास के लिए एक नई 'ग्राम कुल' समिति भी बनाई जा रही है। इसमें पंचायत सचिव, लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं (जैसे बैंक सखी) के साथ-साथ गांव के बुजुर्गों और सम्मानित लोगों को भी शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री के आह्वान पर गांव वालों को हफ्ते में कम से कम 2 घंटे साफ-सफाई के लिए 'श्रमदान' करने की शपथ भी दिलाई गई है।

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