गौ विश्वविद्यापीठम के प्रथम स्थापना दिवस पर गौ विज्ञान और पंचगव्य अनुसंधान पर मंथन
- DSS Admin
- May 18, 2026
गांधीनगर, 18 मई (हि.स.)। गुजरात के गांधीनगर स्थित कड़ी सर्व विश्वविद्यालय में गौ संवर्धन और गौ आधारित अनुसंधान को समर्पित “गौ विश्वविद्यापीठम” के प्रथम स्थापना दिवस का आयोजन हुआ। इस अवसर पर गौ विज्ञान, पंचगव्य अनुसंधान और गौ संवर्धन के क्षेत्र में शिक्षा एवं शोध की नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा और मंथन किया गया।
कड़ी सर्व विश्वविद्यालय के अध्यक्ष वल्लभभाई एम. पटेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि बढ़ते शहरीकरण के बीच गाय समाज से दूर होती जा रही है। ऐसे समय में गौ संवर्धन और गौ आधारित पाठ्यक्रमों की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने गौशाला प्रबंधन, गौ संवर्धन और गौ आधारित अनुसंधान के लिए विद्यार्थियों को विशेष शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।
मंत्री कांतिभाई अमृतिया ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से गौसेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने गौ अनुसंधान और पंचगव्य क्षेत्र में कार्यरत संस्था के प्रथम वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं दीं। साथ ही मोरबी में गौ पंचगव्य अनुसंधान केंद्र और 200 से अधिक गायों के लिए गौ छात्रावास स्थापित करने का आमंत्रण भी दिया।
डॉ. भाविन पंड्या ने गौशाला संवर्धन, गौ पंचगव्य, गौ विकास और 21 सूत्रीय कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से कड़ी सर्व विश्वविद्यालय और गौ विश्वविद्यापीठम के संयुक्त प्रयास से गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण और प्रायोगिक शिक्षा शुरू की जाएगी।
गुजरात के पूर्व शिक्षा मंत्री भूपेंद्रसिंह चूडासमा ने गाय को स्वास्थ्य और मानसिक शांति से जोड़ते हुए कहा कि गौ संवर्धन कई बीमारियों के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकता है। उन्होंने गौ विश्वविद्यापीठम द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन पाठ्यक्रमों और गौ पंचगव्य उत्पाद वितरण पोर्टल की भी सराहना की।
ग्वालियर के स्वामी ऋषभदेवानंदजी ने गाय को मानव जाति के लिए ईश्वर की अमूल्य देन बताते हुए गौ संवर्धन के स्वास्थ्य और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में गुजरात सरकार के श्रम, कौशल एवं रोजगार मंत्री कांतिभाई अमरुतिया, पूर्व शिक्षा मंत्री भूपेंद्र चुडासमा, सहसंघ संचालक डॉ. भरतभाई पटेल, डॉ. भाविन पंड्या, गौ विश्वविद्यापीठम के संस्थापक अध्यक्ष मनीषभाई पटेल, इनोवेटिव थॉट फोरम के अध्यक्ष एस.बी. डांगायच तथा गौ रथयात्रा के संस्थापक भरत राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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