फर्जी आधार, वोटर आईडी और जाति प्रमाणपत्र बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफतार
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान विदेशी साव और संतोष कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपित http://bkprint.in नामक वेबसाइट के माध्यम से फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन बेच रहे थे। जांच में सामने आया कि गिरोह ऑनलाइन भुगतान लेकर आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन से जुड़े दस्तावेज, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र समेत कई अन्य सरकारी दस्तावेजों जैसे दिखने वाले फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर ग्राहकों तक पहुंचाता था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपितों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनकी ऑनलाइन बिक्री के लिए एक सुव्यवस्थित नेटवर्क बना रखा था। ये दस्तावेज देखने में इतने असली लगते थे कि पहली नजर में सरकारी विभागों द्वारा जारी किए गए वास्तविक दस्तावेजों से अंतर कर पाना मुश्किल था।
पुलिस का कहना है कि ऐसे फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल पहचान चोरी (आइडेंटिटी थेफ्ट), किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी (इम्पर्सनेशन), बैंक और वित्तीय धोखाधड़ी, सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाने तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर असली सरकारी दस्तावेज हासिल करने जैसे गंभीर अपराधों में किया जा सकता था।
स्पेशल सेल अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए, इसके ग्राहक किन-किन राज्यों में फैले हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका है। पुलिस वेबसाइट के तकनीकी संचालन, भुगतान के माध्यम और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
---------------

