महंगाई की मार-कठुआ में दही-पनीर महंगे, 4 साल बाद बढ़े दाम

Inflation hits – curd and cheese are expensive in Kathua


कठुआ, 09 जून । बढ़ती महंगाई ने अब आम लोगों की थाली पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। एलपीजी की किल्लत, डीजल-पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों और स्मार्ट मीटर के तहत महंगी कमर्शियल बिजली दरों के चलते कठुआ के हलवाई यूनियन व व्यापार मंडल ने दही और पनीर के दामों में इजाफा कर दिया है।

नए रेट के अनुसार अब कठुआ में पनीर 320 रुपये प्रति किलो बिकेगा जबकि पहले इसकी कीमत 280 प्रति किलो थी। इसी तरह दही का रेट भी 60 से बढ़ाकर 70 प्रति किलो कर दिया गया है। हालांकि दूध के दामों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हलवाई संगठन का कहना है कि दूध के दाम इसलिए नहीं बढ़ाए गए क्योंकि वे दूध बाहर से खरीदते हैं और यदि कीमत बढ़ाई जाती है तो गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी होगा। वहीं दही और पनीर वे खुद तैयार करते हैं इसलिए उनकी लागत में बढ़ोतरी का सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।

संगठन के अनुसार यह बदलाव पूरे 4 साल बाद किया गया है। पिछले चार वर्षों से दही और पनीर के दाम स्थिर थे लेकिन अब अचानक बढ़ी लागत ने यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ स्थानीय कारण ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिमी देशों में चल रहे युद्ध और तनाव का भी असर बाजार पर पड़ रहा है। इन संघर्षों के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है जिससे भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर परिवहन, उत्पादन और बिजली की लागत पर पड़ा है। कठुआ में दही और पनीर के बढ़े दाम यह साफ संकेत हैं कि वैश्विक और स्थानीय आर्थिक दबाव अब सीधे आम आदमी की रसोई तक पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की आशंका से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

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