पुरुषोत्तम मास में लोगों की सेवा करने से भी भगवान होते हैं खुश:वनवासी बाबा
- DSS Admin
- May 21, 2026
—पयागपुर में पंचकोशी तीर्थयात्रियों के लिए चल रहा नि:शुल्क भंडारा
वाराणसी,21 मई (हि.स.)। पुरुषोत्तम मास में धर्म नगरी काशी में चल रहे पंचक्रोशी यात्रा के दूसरे पड़ाव के पहले पयागपुर में श्रद्धालु पंचक्रोशी यात्रियों के लिए नि:शुल्क भंडारा चल रहा है। मां कामाख्या के साधक पराविद्या मर्मज्ञ वनवासी बाबा के सानिध्य में चल रहे भंडारे में प्रतिदिन सैकड़ों भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। इस अवसर पर वनवासी बाबा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने का समय है। इस माह में काशी में तो इसका फल कई गुना मिलता है। उन्होंने कहा कि शिव नगरी में उनके आराध्य भगवान विष्णु भगवान राम का पूजन-अर्चन करने से जो फल मिलता है। वहीं फल लोगों की सेवा करने से भी मिलता है। पंचक्रोशी यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं की सेवा करना भी भगवान की सेवा करना ही है । यह मास जप, दान और स्वाध्याय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। उन्होंने बताया कि सनातनी हिन्दू धर्म में पुरुषोत्तम मास का महत्व केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नही , बल्कि यह हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को भी प्रभावित करता है। वनवासी बाबा ने बताया कि 18 जून से पयागपुर में सात दिवसीय हवनात्मक श्री शिव शक्ति महायज्ञ का आयोजन किया गया है, जिसमें विविध धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे।

