दमोह : संजीवनी अस्पताल में फर्जी डॉक्टरों का खुलासा, दो गिरफ्तार, एक अभिरक्षा में
- DSS Admin
- May 17, 2026



दमोह, 17 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में फर्जी डॉक्टरों के जरिए मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। रविवार को दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) दमोह द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद जांच में संजीवनी अस्पताल में कार्यरत फर्जी डॉक्टरों का मामला सामने आया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन एवं अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अस्पताल में नौकरी प्राप्त कर रखी थी। मामले के सामने आने के बाद जिलेभर के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे कर रहे थे इलाज
पुलिस के अनुसार संजीवनी क्लीनिक, सुभाष कॉलोनी दमोह में कार्यरत आरोपियों ने स्वयं को योग्य चिकित्सक बताकर अस्पताल में नियुक्ति प्राप्त की थी। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद विस्तृत जांच की गई। जांच में एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल रजिस्ट्रेशन एवं अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। मामले में सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 479/26 एवं 480/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3), 338, 336(3) एवं 340(2) के तहत प्रकरण कायम किया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉ. कुमार सचिन यादव, निवासी ग्वालियर और डॉ. राजपाल गौर, निवासी सीहोर को गिरफ्तार किया है। वहीं जांच में जबलपुर निवासी अजय मौर्य की भूमिका भी सामने आई है, जिसे पुलिस ने अभिरक्षा में ले लिया है। पुलिस को आशंका है कि फर्जी मेडिकल डिग्री, डॉक्टर रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज तैयार कराने वाला एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी जांच अब अन्य जिलों तक बढ़ाई जा रही है।
पैसों के बदले तैयार होते थे फर्जी प्रमाण पत्र
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि पूछताछ में यह तथ्य सामने आए हैं कि पैसों के लेनदेन के माध्यम से फर्जी एमबीबीएस डिग्री, डॉक्टर रजिस्ट्रेशन एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर अस्पतालों में नियुक्तियां कराई जाती थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई अन्य बिंदुओं पर भी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
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