निजी स्कूलों के लिए नया कानून बनाएगी पंजाब सरकार, मनमाने तरीके से नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
- Neha Gupta
- Jun 03, 2026

- अमृतसर में छात्रा की आत्महत्या के बाद सरकार का फैसला
चंडीगढ़, 03 जून । पंजाब सरकार बहुत जल्द निजी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन तैयार करेगी। जिसके बाद निजी स्कूल मनमाने ढंग से फीसें नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार ने यह फैसला फीस न भर पाने की वजह से अमृतसर में 12वीं की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद लिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निजी स्कूल, विद्यार्थियों के अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें तथा वर्दियां आदि खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। इसके लिए सरकार कानून लेकर आ रही है, जिसके तहत अब प्राइवेट स्कूल साल में ज्यादा से ज्यादा 5 फीसदी फीस ही बढ़ा पाएंगे।
इतना ही नहीं, जिन स्कूलों ने पिछले 3 सालों में 15 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अतिरिक्त फीस अभिभावकों को वापस भी करनी पड़ेगी। मान ने बताया कि इसके लिए सरकार सख्त कानून लेकर आएगी, जो आगामी विधानसभा सत्र में पारित किया जाएगा। यह नियम सभी तरह की फीस पर लागू होगा। मान ने कहा कि फीस बढ़ोतरी संबंधी जो भी शिकायतें अब तक डीईओ कार्यालय में आई हैं, उनकी जांच की जाएगी। साथ ही यदि कोई खामी पाई जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भगवंत मान ने कहा कि हम जो कानून लेकर आ रहे हैं, वह पंजाब में सारे स्कूल, जिसमें नेशनल व इंटरनेशनल स्कूल हैं, उन पर भी लागू होंगे। एक-दो दिनों में इस संबंधी ऑर्डिनेंस आ जाएगा। उसके बाद मानसून सेशन में इस बारे में कानून लाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्कूल अब किसी भी तरीके से बच नहीं पाएंगे। हर साल स्कूलों का ऑडिट करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून को बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। उनकी राय के आधार पर पूरी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2026 के अध्यादेश में संशोधन किया जाएगा।
मान ने आरोप लगाया कि 2019 में कैप्टन अमरिंदर सिंह वाली सरकार ने स्कूलों को मनमर्जी की छूट दी थी। पहले सिर्फ 8 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने की परमिशन थी। इसके बाद सबने बढ़ा लिया। हम इस कानून को रद्द कर 5 प्रतिशत कर रहे हैं।
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