नशा-विरोधी अभियान जम्मू-कश्मीर में एक जन आंदोलन में बदल गया है : उपराज्यपाल
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
कुलगाम, 01 जून (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को चल रहे नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान को भावनात्मक और जन-केंद्रित रूप से बढ़ावा दिया और खुद को आपके परिवार का सदस्य बताते हुए जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की लत और दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के लारू बस स्टैंड पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि 51 दिन पहले शुरू किया गया नशा-विरोधी अभियान जम्मू-कश्मीर में एक जन आंदोलन में बदल गया है जिसमें परिवारों, युवाओं, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समाज समूहों की सक्रिय भागीदारी है। सिन्हा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, मैं आपके परिवार के सदस्य के रूप में आपके संघर्ष और एक सुरक्षित, संरक्षित और नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर के आपके सपने का समर्थन करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह अभियान अब सरकारी विभागों या कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक सीमित नहीं है बल्कि समाज के हर वर्ग को शामिल करते हुए एक सामूहिक सामाजिक मिशन में परिवर्तित हो गया है। जम्मू और कश्मीर के नागरिकों के समर्थन से एक आंदोलन ने आकार लिया है जिसने हर गली, हर परिवार और हर दिल को एक साझा उद्देश्य से एकजुट कर दिया है, अपने गांवों और शहरों को नशामुक्त बनान है। उन्होंने अभियान की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि जो बदलाव की एक छोटी सी चिंगारी के रूप में शुरू हुआ था वह अब एक व्यापक सामाजिक आंदोलन में तब्दील हो गया है जो जम्मू और कश्मीर के भविष्य को बदलने में सक्षम है, बशर्ते लोग एकजुट बने रहें। आज मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूँ कि जम्मू-कश्मीर में आशा, साहस और दृढ़ संकल्प की चिंगारी प्रज्वलित हो चुकी है। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर दशकों से आतंकवाद और हिंसा से त्रस्त रहा है वहीं नशे की लत युवाओं को प्रभावित करने वाले एक अन्य गंभीर खतरे के रूप में उभरी है। जम्मू-कश्मीर ने कई वर्षों तक आतंकवाद के अकल्पनीय हमलों को झेला है। हमने यह भी देखा कि कैसे नशा धीरे-धीरे हमारे युवाओं को अपने चंगुल में फंसा रहा था और समाज को कमजोर कर रहा था। सिन्हा ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया था जिसके बाद जम्मू-कश्मीर ने आतंकवाद और नशीले पदार्थों के संयुक्त खतरे से युवाओं की रक्षा के लिए 2021 से नशा-विरोधी प्रयासों को तेज कर दिया। हमने आतंकवाद और नशे की उन छायाओं को दूर करने का प्रयास किया जो हमारे युवाओं को विभाजित कर रही थीं। आज हमारे युवाओं को नशे के अंधकार में जकड़े रखने वाली जंजीरें एक-एक करके टूट रही हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन ने पिछले 50 दिनों में संयुक्त रूप से नशा-विरोधी अभियान तेज किए हैं जिसे उन्होंने “संपूर्ण सरकारी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण” बताया।

