गटारू गैंग के तीन गुर्गे यूपी के मेरठ में दबोचे पनाहगार भी गिरफ्तार
- Editor Chief
- Nov 03, 2026
मेरठ। जम्मू-कश्मीर के गटारू गिरोह से जुड़े कथित अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क ने मेरठ में अपने सदस्यों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय संपर्कों की एक शृंखला तैयार कर रखी थी। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की जाँच में यह जानकारी सामने आई है। यूपी एसटीएफ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामलों में वांछित थे।
यह कार्रवाई गिरोह के सदस्यों के मेरठ में मौजूद होने संबंधी उस खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जो 22 अक्टूबर को सांबा पुलिस के साथ साझा की गई थी।
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11:05 बजे सदर बाजार थाना क्षेत्र के सोतीगंज इलाके से आरोपियों को पकड़ा गया। तीन वांछित आरोपियों की पहचान सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना के रूप में हुई है। तीनों जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर के निवासी हैं। चौथा आरोपी माज कुरैशी सोतीगंज का रहने वाला है। पुलिस ने चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है।
एसटीएफ के मुताबिक, तीनों वांछित आरोपियों के खिलाफ विजयपुर पुलिस थाने में मामले दर्ज हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस करेगी। जाँच में सामने आया कि स्थानीय संपर्क कथित तौर पर बिना पुलिस सत्यापन के गिरोह के सदस्यों के रहने की व्यवस्था करते थे। कुरैशी पर तीनों आरोपियों को अपने घर में शरण देने का आरोप है।
जाँच में गिरोह के पुराने संपर्कों का भी पता चला है। पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 में गिरोह के सरगना सुमित जंडियाल उर्फ गटारू की हत्या के बाद उसके सहयोगी आशु पंडित ने कथित तौर पर मेरठ में किराये के आवास की व्यवस्था कराने में मदद की और तीन अवैध पिस्तौल उपलब्ध कराईं। गटारू भी पहले मेरठ के सुभाषनगर में रहा था और बाद में सुभारती विश्वविद्यालय के पास एक फ्लैट में रहने लगा था।
पुलिस जाँच के अनुसार, गिरोह के एक अन्य सदस्य गौरव जंडियाल का कुरुक्षेत्र जेल में रहने के दौरान मेरठ के अपराधी मोहसिन से संपर्क हुआ था। रिहाई के बाद मोहसिन ने कथित तौर पर अपने सहयोगी सोहेल के जरिए आवास की व्यवस्था कराई। कुरैशी, सोहेल का ममेरा भाई बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, जम्मू और सांबा जिलों में सक्रिय इस गिरोह पर रंगदारी, सुपारी लेकर हत्या, लूट, जमीनों पर कब्जे, जानलेवा हमलों तथा अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। विक्की खौफ और विकास सलाथिया के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुटों से इसकी लंबे समय से दुश्मनी रही है। खौफ गुट से विवाद की शुरुआत कथित तौर पर सौरभ गुप्ता से जुड़े स्कूली समय के झगड़े से हुई थी।
गिरोह के सरगना सुमित जंडियाल की 21 जनवरी 2025 को जम्मू के ज्वेल चौक में एक पार्टी में बुलाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद जून 2025 में गौरव जंडियाल पर कुरुक्षेत्र के शाहबाद में शराब कारोबारी शांतनु की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। हरियाणा एसटीएफ ने बाद में इस मामले के आरोपी रोमिल बोहरा को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था और गौरव जंडियाल समेत अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया था।

