नैनीताल, 17 जून (हि.स.)। नवोदिन लेखिका अपराजिता कोटलिया की प्रथम पुस्तक ‘द मैन बिहाइंड माई फादर’ का लोकार्पण नैनीताल में किया गया।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह आयोजन पुस्तक की लेखिका के दिवंगत पिता प्रतिष्ठित भू-विज्ञानी एवं शिक्षाविद्, राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित प्रो. बहादुर कोटलिया के जीवन, व्यक्तित्व और योगदान को स्मरण करने का अवसर भी बना।
सेंट मेरीज कॉन्वेंट स्कूल नैनीताल की पूर्व छात्रा अपराजिता ने बताया कि अनेक पीढ़ियों के विद्यार्थियों के प्रेरणास्रोत रहे प्रो. कोटलिया को एक वैज्ञानिक, शिक्षक, मार्गदर्शक, मित्र और परिवार के सदस्य के रूप में जानने वाले लोगों के अनुभवों तथा उनकी व्यक्तिगत स्मृतियों के आधार पर यह कृति तैयार की गई है। अपराजिता ने बताया कि पुस्तक लेखन की प्रक्रिया उनके लिए स्मरण, समझ और कृतज्ञता की यात्रा रही, जिसके माध्यम से उन्हें अपने पिता के व्यक्तित्व के अनेक आयामों को जानने का अवसर मिला। पुस्तक केवल संस्मरण नहीं, बल्कि विरासत, स्मृति और पिता-पुत्री के अटूट संबंध का भावनात्मक दस्तावेज है।
इस पुस्तक के माध्यम से वह अपने पिता की स्मृतियों, मूल्यों और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहती हैं। साथ ही वह नैनीताल को केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध पर्यटन नगर नहीं, बल्कि ऐसे असाधारण व्यक्तित्वों की भूमि के रूप में भी प्रस्तुत करना चाहती हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और अनेक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।
इस अवसर पर उनकी माता-अधिवक्ता मंजू कोटलिया, भूविज्ञानी डॉ. चारु चंद्र पंत व डॉ. संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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