कांग्रेस के दो उम्मीदवारों ने फूंका चुनावी बिगुल, इस बार परिवर्तन का किया दावा

- शहीद स्मारक पर आंदोलनकारियों को नमन कर की गयी चुनाव की शुरुआत

- अभी तीन लाेकसभा सीट से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पायी है कांग्रेस

देहरादून, 14 मार्च (हि.स.)। लोकसभा चुनाव की तैयारियां अब अंतिम चरण में है। अब जोश और होश के साथ उत्तराखंड राज्य में कांग्रेस के तीन और भाजपा के सभी पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के बाद चुनावी गतिविधियां दिखनी शुरू हो गई हैं। कांग्रेस ने अभी तीन लाेकसभा सीट से अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।

कांग्रेस उम्मीदवार टिहरी लोकसभा क्षेत्र से जोत सिंह घुनसोला और पौड़ी लोकसभा क्षेत्र से गणेश गोदियाल ने गुरुवार को अपने चुनाव का बिगूल फूंक दिया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचने पर उत्साहित कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारों का माला पहनाकर स्वागत किया। इसके उपरांत दोनों उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा व कार्यकर्ताओं के साथ कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक पहुंचे, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उत्तराखंड राज्य गठन में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस उम्मीदवाराें ने कहा कि भाजपा शहीदों का सम्मान नहीं करती है, वह केवल दिखावे की राजनीति करती है।

राज्य गठन में शहीद आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने को संकल्पित है कांग्रेस

टिहरी उम्मीदवार जोत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन में शहीद आंदोलनकारियों को आज नमन किया, जिनकी वजह से उत्तराखंड राज्य बना। इस मौके पर सिंह ने पितरों का आशीर्वाद लेने के साथ उनके सपनों का उत्तराखंड बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इनका आशीर्वाद लेकर ही हम आगे बढ़ेंगे और चुनाव में जीत हासिल करेंगे।

शहीदों की आत्मा कह रही अभी कुछ सरोकार बाकी है, गोदियाल ने डबल इंजन सरकार को बताया फेल

पौड़ी संसदीय सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए कांग्रेस संकल्पित है। उनकी आत्मा यही बार-बार कहती है कि अभी कुछ सरोकार बाकी है। गोदियाल ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की एक इंजन दिल्ली में फेल होता है तो दूसरा राज्य में फेल हो जाता है और बहाना करते हैं कि अब हम क्या कर सकते हैं। जो कुछ करना है सीबीआई या फिर जनता करेगी। उन्होंने कहा कि इस बार परिवर्तन तय है और इसकी शुरूआत देवभूमि उत्तराखंड से हाेगी। उत्तराखंड के टिहरी, अल्मोड़ा, नैनीताल, उधमसिंह नगर व हरिद्वार की पवित्र नगरी, ये पांचों लोकसभा सीटें परिवर्तन का आधार बनेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार/कमलेश्वर शरण/सुनील

   

सम्बंधित खबर